हरदोई। राज्य और केंद्रीय वित्त आयोग के रुपये के भुगतान में ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार गड़बड़ी करने से डर नहीं रहे हैं।
पंचायतीराज विभाग की व्यवस्था गेटवे पोर्टल को बाईपास कर 34 ग्राम पंचायतों ने 87 लाख से अधिक रुपये का भुगतान निकाल लिया है। पंचायतीराज विभाग के निदेशक ने भुगतान में गड़बड़ी को ऑनलाइन समीक्षा में पकड़ा है। निदेशक ने नाराजगी जाहिर की, डीपीआरओ से रिपोर्ट तलब की है और कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
पंचायतीराज विभाग के माध्यम से पंचायतों को राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद से रुपये दिए जाते हैं। भुगतान के लिए पंचायत सचिवालय में स्थापित कंप्यूटर को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे को मैप किया गया है ताकि भुगतान किए जाने पर पंचायत सचिवालय की लोकेशन प्रदर्शित हो। निदेशक अमित कुमार सिंह ने शासन स्तर पर समीक्षा में जिले की 34 ग्राम पंचायतों में 397 ट्रांजेक्शन गेटवे पोर्टल को बाईपास किए जाने की गड़बड़ी पकड़ी है। कहा कि 397 ट्रांजेक्शन में 87 लाख, 19 हजार, 115 रुपये का भुगतान निकाला गया है। पत्र भेजकर डीपीआरओ से रिपोर्ट मांगी है।
गेटवे को बाईपास किए गए भुगतान के लिए चिह्नित ग्राम पंचायत व रुपये पर एक नजर :
पंचायतीराज विभाग के निदेशक की तरफ से ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेट-वे को बाईपास कर प्रधानों और पंचायत सचिवों ने भुगतान निकाला है। इसमें विकास खंड टोडरपुर की ग्राम पंचायत मंझिला में 7,55,123 रुपये, करावां में 68,349 रुपये, मल्लावां की मेहंदीपुर में 1,21,390 रुपये, मढि़या जफरपुर में 1,93,570 रुपये, माधौगंज की शेखपुनर में 1,73,600 रुपये, राघौपुर में 12,21,239 रुपये, जेहदीपुर में 12,60,414 रुपये, इकसई में 3,27,810 रुपये, कोथावां की सिकंदरपुर में 1,05,890 रुपये निकाले हैं।
इसके साथ ही चपरतला में 74,200 रुपये, कछौना की पतसेनी देहात में 6,000 रुपये, महरी में 1,03,004 रुपये, लोन्हारा में 33,292 रुपये, कमालपुर में 7,50,299 रुपये, हरपालपुर की शेखापुर नगरिया में 1,47,000 रुपये, बिलग्राम की मैकपुर हातिमपुर में 4,21,348 रुपये, भरावन की मंझिगवां में 1,28,175 रुपये, महुआडांडा में 81,500 रुपये, जाजूपुर में 13,500 रुपये, गोनी में 80,186 रुपये, बेहंदर की बिरौली में 36,819 रुपये और बावन की सुहेड़ी में 8,50,529 रुपये और ऐजा में 6,36,101 रुपये का भुगतान गेटवे को बाईपास कर निकाला गया है।
सूची में शामिल ग्राम पंचायतों की जांच कर भेजी जाएगी रिपोर्ट
सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवालय स्थापित कराए गए हैं। वहां पर कंप्यूटर, प्रिंटर आदि भी लगवाए गए हैं। कंप्यूटर, प्रिंटर के रख-रखाव के लिए रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद इसके प्रधानों और पंचायत सचिवों ने गेटवे को बाईपास कर भुगतान निकाला है। निदेशक की तरफ से मिली सूची में शामिल ग्राम पंचायतों की जांच की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट निदेशक को भेजी जाएगी और गड़बड़ी के लिए दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी