घटना से 23 साल बाद आया फैसला, ग्राम न्यायालय के न्यायाधीश ने सुनाया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
संडीला। लापरवाही से बस चलाने और हादसे में युवक मौत के मामले में करीब 23 बाद फैसला आया। ग्राम न्यायालय के न्यायाधीश प्रवीण कुमार गौतम ने बस चालक को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही इसके 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी।
सहायक अभियोजन अधिकारी अंकित कुमार सिंह ने बताया कि कछौना थाना क्षेत्र के त्योरी गांव निवासी मोतीलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था उनका नाती वीरेंद्र (26) कस्बा कछौना में सिलाई करता था। छह सितंबर 2001 की शाम करीब साढ़े छह बजे साइकिल से घर जा रहा था। गांव के करीब पहुंचा था कि हरदोई की ओर से आ रही बस की चपेट में आने से मौत हो गई थी। बस को कोथावां निवासी अब्दुल रशीद चला रहे थे। अभियोजन पक्ष से वादी मुकदमा समेत आठ लोगों को गवाही में पेश किया गया। दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने सजा सुनाई है।