स्कूलों में बच्चों की कमी न होने दें, टीचर गुणवत्ता
पूर्ण शिक्षा दें, बड़े मंचों पर विद्यालयाें के बच्चे भागीदारी करें।
बच्चों को अपना समझ कर शिक्षण कार्य टीचर करें तो बच्चों में निखार आएगा।
यह बात बीएसए बृजेश मिश्र ने बीआरसी पर आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में
व्यक्त किए।
कहा कि टीचर बच्चों का भविष्य तभी बन सकेंगे जब टीचर उनको
अपना समक्ष कर पढ़ाएंगे। कहा कि जब टीचर निष्ठा से पढ़ाएंगे तो विद्यालयोें
में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। बच्चों का विकास होगा और
उनमें संस्कार देखने को मिलेंगे। कहा कि बच्चों को होमवर्क दें, ताकि वह घर
पर भी शिक्षण कार्य में व्यस्त रहें।
उन्होंने एक सप्ताह पूर्व ब्लाक के
चार निलंबित टीचरों को बहाल करने के भी संकेत दिए। कहा कि समाजवादी पेंशन
योजना में जहां कार्य नहीं हुआ, वहां के लाभार्थी लाभ से वंचित रह जाएंगे।
खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी ने कहा कि स्कूल गोद लेने की प्रथा जनपद
में बीएसए ने शुरू की थी, जो प्रदेश के शिक्षा मंत्री को अच्छी लगी और उसे
पूरे प्रदेश में लागू कराया।
बीएसए द्वारा कई योजनाओं को क्रियान्वयन
कराया जा रहा, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। समारोह में बीएसए
को खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी, एबीआरसी मो अब्दुल खालिक, राजेश
शर्मा, उस्मान खां, सतेंद्र यादव, शैलेंद्र ने चांदी का मुकुट भेंट किया।
इस मौके पर मुफीद बेग, खुर्शीद, श्याम किशोर मिश्र आदि मौजूद थे।