बावन विकास खंड के बरसोइया गांव में विचित्र बुखार फैला है। हर घर में
बुखार से कोई न कोई पीड़ित है। गांव में महिला समेत दो की मौत बुखार से हो
गई है। इसके बाद भी जिम्मेदार बेखबर हैं। मंगलवार को गांव में करीब 29 मरीज
बुखार से तड़प रहे थे। वहीं 10 मरीज निजी और सरकारी अस्पताल में भर्ती
बताए गए।
बरसोइया गांव में करीब एक पखवारे से बुखार फैला है। गांव
निवासी लाल रस्तोगी की गर्भवती पत्नी रेनू (24) बुुखार से पीड़ित थी।
परिजनों उसे नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। प्रसव के बाद उसका बुखार और
बढ़ गया। इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों
ने बताया कि तेज बुखार से उसकी मौत हो गई। इधर, गांव के पूर्व प्रधान
राजेश सिंह के बड़े भाई शिवराम सिंह (55) भी बुखार से पीड़ित थे। सोमवार की
रात करीब 1 बजे उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार गांव के मदन सिंह
(18), मनोज सिंह (38), राजू(25), रेखा गुप्ता(30), गुड्डू (35), नरेंद्र
सिंह (60) नर्सिंग होम में भर्ती है। सुनील गुप्ता (48), प्रशांत
गुप्ता(15), प्रेमू हलवाई (28) जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनके
अलावा गांव के
संपति (35) उसकी पत्नी गुंजन (33), पुत्र मोहित (15), रश्मि
चौहान(18), सुमन सिंह (35), राधाकृष्ण(48), फूलमती गुप्ता(50), मोहित
गुप्ता (30), रामसिंह (55), अनुराग यादव(15), जगन्नाथ यादव(60), किरन सिंह
(25),सुभान सिंह(5),
नितिन (8), सुरेश वर्मा(48), रहमुद्दीन(28), नन्हें
शर्मा(30), रेशमा(30), अजीत (4)समेत 29 मरीज बुखार से तड़प रहे हैं। इनमें
रेखा गुप्ता की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लेकर लखनऊ रवाना हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि सीएचसी की टीम गांव आई लेकिन गांव में कुछ देर रुकने
के बाद वापस चली गई।
सीएमओ डा. रामगोपाल ने बताया कि बरसोइया गांव में
स्वास्थ्य टीम भेजी थी। जो बीमार हैंउनका उपचार कराया गया। अभी किसी के
मरने की जानकारी नहीं मिली। बुधवार को स्वास्थ्य टीम गांव फिर जाएगी।