भरावन (हरदोई)। अतरौली थाना क्षेत्र के नरोइया में शुक्रवार शाम दो भाइयों के बीच बाइक ले जाने को लेकर विवाद हो गया। आपसी कहासुनी के बाद एक भाई ने बाइक में आग लगा दी। कुछ देर बाद दूसरे भाई ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया और बाइक के पास जाकर लेट गया। जिंदा जलकर उसकी मौत हो गई।
नरोइया निवासी निखिल (18) नराेइया पुलिया पर परचून की दुकान चलाता था। पारिवारिक चाचा रामाधार का मकान उसकी दुकान के सामने है। निखिल शुक्रवार की शाम लगभग साढ़े चार बजे अपनी दुकान पर बैठा था। रामाधार ने बताया कि इसी दौरान निखिल का बड़ा भाई शेरू शराब के नशे में बाइक से वहां आ गया। निखिल ने भाई से पवायां जाने के लिए बाइक मांगी तो शेरू ने इनकार कर दिया। इसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। निखिल पैदल ही बाइक लेकर जाने लगा। दुकान से दस कदम दूर पहुंचते ही पीछे से शेरू दुकान में रखी पेट्रोल की बोतल ले आया। बाइक पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। निखिल ने आग बुझाने की कोशिश की, तो शेरू ने उसे रोक दिया। इससे गुस्साए निखिल ने शेरू के सिर पर बाल्टी मार दिया। इसके बाद दुकान से दो बोतल में पेट्रोल भरकर लाया और खुद पर छिड़कर जलती हुई बाइक के पास चला गया। देखते ही देखते वह आग की लपटों से घिर कर तड़पने लगा। जानकारी पर कुछ ही देर में एंबुलेंस पहुंची और उसे सीएचसी भरावन ले गई। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वह छह भाई बहनों में सबसे छोटा और अविवाहित था। प्रभारी निरीक्षक मनोज सिंह ने बताया कि बाइक को लेकर भाइयों के बीच विवाद हुआ था। बड़े भाई शेरू ने बाइक में आग लगाई और इसके बाद छोटे भाई निखिल ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।
पिता श्रद्धालुओं को लेकर गए पूर्णागिरी, दो भाई रहते बंगरलूरू में
ग्रामीणों ने बताया कि निखिल की मां का निधन हो चुका है। पिता गंगाराम श्रद्धालुओं को तीर्थाटन कराते हैं। कह सकते हैं कि वह ट्रैवल एजेंट हैं। बीती बीस मई को ही गंगाराम श्रद्धालुओं को लेकर पूर्णागिरी गए हैं। निखिल के दो बड़े भाई साजन और विकास बंगरलूरू में प्राइवेट नौकरी करते हैं। घटना की सूचना निखिल के पिता गंगाराम को दी गई है। शनिवार सुबह तक उनके गांव पहुंचने की संभावना है।
ग्रामीण इलाकों में परचून की दुकान पर बिक रहा पेट्रोल
डीजल और पेट्रोल की बिक्री पंपों से ही करने की अनुमति है। बावजूद इसके ग्रामीण इलाकों में परचून की दुकानों पर पेट्रोल बिक रहा है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि न सिर्फ अतरौली थाना क्षेत्र बल्कि हर थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में ऐसा हो रहा है। इसकी वजह यह है कि कई बार सफर के दौरान बाइक सवारों की बाइक में पेट्रोल खत्म हो जाता है। ऐसे में परचून दुकानदार उनके लिए सहायक साबित होते हैं, लेकिन इसके बदले में दुकानदार तय कीमत से ज्यादा वसूलते हैं। पूर्व में कुछ वर्ष पहले पूर्ति विभाग ने इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए पूरे जिले में अभियान चलाया था। बाद में सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ गया।
निखिल राठौर। फाइल फोटो
निखिल राठौर। फाइल फोटो