गरीबों के लिए चलाई जा रहीं तमाम योजनाओं पर लाख
कोशिशों के बावजूद दलाल और बिचौलिए हावी हैं। बिचौलियों द्वारा फर्जी
प्रपत्र तैयार कर अपात्रों को लाभान्वित करने के तो कई मामले हैं, पर कुछ
दिन पहले राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में मुर्दों के नाम पर अनुदान
निकालने के मामले को अमर उजाला ने 7 मई के अंक में प्रकाशित किया, तो
हड़कंप मच गया था।
जांच के दौरान आए तथ्यों से योजनाओं में हो रहे
फर्जीवाड़े में सभी की मिलीभगत के भी प्रमाण मिले। मृतकों और अपात्रों
को लाभान्वित करने को जो प्रपत्र तैयार कराए गए, उनमें पूरी तरह से
फर्जीवाड़ा किया गया और जिन सरकारी कार्यालयों में एक आम आदमी की छोटी सी
कमियों को पकड़ लिया जाता है, उन कार्यालयों ने अस्पष्ट प्रपत्र, परिवार
रजिस्टर और लाभार्थियों की साफ व सही फोटो न होने के बावजूद फार्मों को
स्वीकृत कर अनुदान दे दिया, जिसमें तहसील, ब्लाक, जिला और बैंक कर्मियों की
भी पूरी संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है।
उधर, राष्ट्रीय
पारिवारिक लाभ योजना में मृतकों और अपात्रों को लाभान्वित करने को बड़े
पैमाने पर गोलमाल किया गया। बिचौलियों ने जो प्रपत्र तैयार किए, वह पूरी
तरह से अस्पष्ट हैं। परिवार रजिस्टर पर सही ढंग से नाम भी पढ़े नहीं जा
सकते हैं।
इसी प्रकार समाज कल्याण विभाग को किए गए आवेदन में आवेदक की
फोटो अस्पष्ट है। ऐसी ही स्थिति बैंक पास बुक की भी है, जहां भी आवेदक की
फोटो साफ नहीं है, पर विभागों द्वारा आपत्ति नहीं जताई गई और आवेदनाें को
स्वीकृति दे दी।
समाज कल्याण विभाग की राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में
भरखनी के मुंडेर के गदरिया गांव में मृतकों को अनुदान देने के मामले में
हरपालपुर और अरवल थाने में 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, पर अभी
तक हरपालपुर थाने द्वारा ही जांच शुरू कर गई, जबकि तुलसा द्वारा कराई गई
रिपोर्ट में पाली पुलिस द्वारा एक बिचौलिए अशोक कुमार को न तो गिरफ्तार
किया गया और न ही जांच शुरू की गई।
दारोगा आरसी त्रिपाठी द्वारा इस बाबत
अभी तक साक्ष्य भी नहीं जुटाए गए। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योेजना के
अंतर्गत मृतकों को दिए गए अनुदान के मामले में अब रिकवरी भी कराई जा सकती
है। तत्कालीन एसडीएम अविनाश कुमार ने तहसीलदार राम सुमेरन द्विवेदी और नायब
तहसीलदार प्रमेश कुमार की जांच समिति बनाकर जांच के निर्देश दिए, जिसमें
ही अब बिचौलिए अशोक कुमार व दो खाताधारकों से वसूली करने की संस्तुति की गई
है।