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सुखेता पर पुल तैयार पर संपर्क मार्ग नहीं

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सुखेता नदी पर बनाया गया पुल पर दोनों ओर संपर्क मार्ग ही नहीं। - फोटो : HARDOI
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बावन। विकास खंड के ग्राम सुहेड़ी के निकट सुखेता नदी पर पुल बनने के बाद भी लोगों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा। पुल के दोनों ही तरफ संपर्क मार्ग (एप्रोच रोड) न होने के कारण ये शोपीस बनकर रह गया है। इसके दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। ग्राम प्रधान ने स्थानीय बाशिंदों की परेशानी देखकर लकड़ी का पुल ठीक करवाया है। लेकिन इस पर सफर जोखिम भरा है।
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सवायजपुर और सदर तहसील क्षेत्र में सुखेता नदी बहती है। सदर विधायक नितिन अग्रवाल के विशेष प्रयासों से सुहेड़ी के पास सुखेता नदी पर पुल का निर्माण शुरू कराया गया था। कई वर्ष बीतने के बाद भी पुल के दोनों ओर संपर्क मार्गों का निर्माण नहीं हो पाया है। इसके कारण सुखेता नदी पर बनाए गए पुल का उपयोग स्थानीय लोग नहीं कर पा रहे हैं।
सुहेड़ी के ग्राम प्रधान गुरुलाल का कहना है कि उन्होंने कुछ वर्ष पहले अपने खेत से जगह देकर लकड़ी के पुल को व्यवस्थित करवा दिया था। लोगों को लकड़ी का पुल राहत तो जरूर देता है, लेकिन नदी पर बने पुल का निर्माण पूरा हो जाए तो आवागमन सुगम होगा। लगभग तीन हजार लोग पुल का निर्माण पूरा न होने के कारण लकड़ी के पुल से सफर करने को मजबूर हैं।
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इन गांवों के लोग होते प्रभावित
लगवाही, सुहेड़ी, एजा, गबेलिया, बैजना, औहदपुर, दिनारी, पुन्नैया, नागामऊ, बूटामऊ, असलापुर, लोनार, झौना आदि गांवों के लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है।
लोगों ने बताई समस्या
सुहेड़ी निवासी बलवीर ने बताया कि लकड़ी के पुल से आवागमन करना जोखिम भरा होता है। पक्का पुल तो बना खड़ा है, अगर संपर्क मार्ग बन जाए तो लोगों को राहत हो जाएगी।
राम कृपाल ने बताया कि लकड़ी के पुल से आवागमन मजबूरी में करना पड़ता है, क्योंकि दूसरा रास्ता नहीं। पुल का संपर्कमार्ग जल्द बनवा दिया जाए, तो तीन हजार लोगों को राहमत मिलेगी।
जिबरील का कहना है कि प्रधान ने लकड़ी के पुल को ठीकठाक बनवा दिया है। पहले तो लकड़ी का पुल भी खराब था। अब जल्दी से पक्का पुल शुरू हो जाए, तो आवागमन में सुविधा होगी।
सरोज कुमार का कहना है कि जब पुल का निर्माण शुरू हुआ था तो लग रहा था कि जल्द ही सुरक्षित सफर करने को मिलेगा। पुल बन गया लेकिन इस तक पहुंचने का मार्ग नहीं बन पाया।
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