फोटो-20-बिलखतीं आरुषी की मां व अन्य महिलाएं। संवाद
पिहानी। कोतवाली क्षेत्र के रामापुर में शुक्रवार को सिंघाड़ा निकालने गईं दो बालिकाओं के शव तालाब से 24 घंटे बाद खोज निकाले गए हैं। दोनों के शव देखकर परिजन बदहवास हो गए। शुक्रवार को तीन सहेलियां तालाब में गई थीं। इसमें एक को युवकों ने बाहर निकाल लिया था। बाकी दोनों बालिकाओं के शव शनिवार सुबह खोजे गए।
कोतवाली क्षेत्र के देहलिया गांव के मजरा रामापुर निवासी कमलेश खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री आरुषि (14) कक्षा आठ की छात्रा थी। गांव निवासी गंगा सागर की पुत्री प्रियंका (12) आरुषि की सहेली थी। प्रियंका कक्षा पांच की छात्रा थी। गांव निवासी राजेश की पुत्री लक्ष्मी की ससुराल देहात कोतवाली क्षेत्र के चितराई गांव में है। इन दिनों लक्ष्मी और लक्ष्मी की पुत्री जाह्नवी (10) रामापुर में ही हैं। गांव की पूरब दिशा में एक बड़ा तालाब है।
शुक्रवार सुबह करीब 11:45 बजे जाह्नवी तालाब से सिंघाड़े निकालने गई थी। उसके साथ उसकी सहेली आरुषि और प्रियंका भी थीं। सिंघाड़े निकालते समय तीनों गहरे पानी में चले गए, तीनों डूबने लगे तो शोर मचाया। इस पर आसपास के युवक मौके पर आ गए। युवक तालाब में घुसे। युवकों ने कड़ी मशक्कत के बाद जान्हवी को बाहर निकाल लिया लेकिन इस दौरान प्रियंका और आरुषि आंखों से ओझल हो गईं। पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर एएसपी एमपी सिंह पहुंचे।
स्थानीय गोताखोर और सीतापुर की पीएसी यूनिट ने खोज की लेकिन रात तक बालिकाओं का सुराग नहीं लग पाया था। फिर बरेली से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। शुक्रवार सुबह टीम ने खोज शुरु की। तीन घंटे की मशक्कत के बाद 11:50 बजे टीम ने पहले प्रियंका का शव फिर कुछ देर बाद आरुषि का शव खोज निकाला। दोनों सहेलियों के शव देखकर जाह्नवी बिलख पड़ी। प्रियंका की मां पुष्पा देवी और आरुषि की मां कमलेशा देवी शव देखकर बदहवास हो गईं। ग्रामीण गमजदा परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। कोतवाल छोटेलाल ने बताया कि दोनों शवों का पंचनामा भरवाया गया है।
फोटो-20-बिलखतीं आरुषी की मां व अन्य महिलाएं। संवाद
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