हरदोई। आपका नाम .....है, आपने इस बार 10 वीं की बोर्ड परीक्षा दी थी। आप दो विषय में फेल हैं यदि पास होने चाहते हैं तो एक एकाउंट नंबर बता रहे हैं उसमें पैसे डाल दें तो आप उतीर्ण हो सकते हैं....।
कुछ ऐसे ही फोन इन दिनों जिले में बोर्ड परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों के नंबरों आए। जब इसकी शिकायत डीआईओएस कार्यालय पर पहुंची तो अधिकारी सकते में आ गया। हालांकि बोर्ड सचिव से वार्ता करने के बाद डीआईओएस ने पूरे जिले के अभिभावकों को इस ओर सक्रिय हुए गैंग के प्रति अलर्ट कर दिया है। वहीं मामले की शिकायत एसपी से भी की है।
जिला विद्यालय निरीक्षक वीके दुबे ने बताया कि बोर्ड परीक्षाएं जिलों में होतीं हैं। उसके बाद कई विषयों की उत्तर पुस्तिकाएं कई शहरों को भेज दी जातीं हैं। उसी तरह कई जिलों की कापियां यहां आतीं हैं जिसके बाद मूल्यांकन होता है। इन दिनों कोरोना अलर्ट में मूल्यांकन बंद है। इसके बाद सोचनीय प्रश्न यह है कि किस तरह का गैंग है कि इसके पास मोबाइल नंबर तक पहुंच गए। एक दो नहीं कई प्रकरण जब इस जनपद में भी सामने आ गए और उनके पास शिकायत आ गईं तो उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव को फोन कर प्रकरण बताया तो उन्होंने अन्य जिलों से भी फोन आने की बात बताई और उन्होंने निर्देशित किया कि ज्यादा से ज्यादा अभिभावकों को इस बारे में अलर्ट कर दें ताकि इस गैंग के द्वारा छात्र या उनके अभिभावक ठगे न जा सकें।
उन्होंने सभी छात्र छात्राओं व उनके अभिभावकों को अलर्ट किया है कि ऐसा कुछ भी नहीं है ऐसे कोई भी फोन आएं तो कोई जानकारी न दें और पैसा तो बिल्कुल न दें। परिषद ने भी इसे फ्रॉड घोषित किया है।
हरदोई। डीआईओएस ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने एसपी अमित कुमार को भी एक पत्र दिया है जिसमें इस तरह के फ्राड का जिक्र किया है और बच्चों के भविष्य की खातिर इस पर नजर रखने की मांग की है।
हरदोई। डीआईओएस ने बताया कि अब तक उनके पास तीन से चार अभिभावकों के फोन शनिवार की सुबह आ चुके हैं। उनमें वेणी माधव की एक छात्रा की मां का भी था, वह इस फोन से काफी विचलित थीं। जिसको उन्होंने समझाया कि इस तरह की कोई बात नहीं है। पैसों की खातिर यह सब झूठ बोल रहे हैं।
जिसके बाद उन्होंने सचिव को पूरा मामला बताया। डीआईओएस ने कहा कि यह कोई छोटा मोटा प्रकरण नहीं है। हरदोई मेें ही तीन चार बच्चों के पास फोन आ चुके हैं। वहीं जब सचिव से बात की गई तो उन्होंने भी अन्य जिलों से ऐसी शिकायतें आने की बात कही। फोन करने वालों के पास परीक्षार्थियों के नाम के साथ उनका जिला व मोबाइल नंबर आदि की पूरी जानकारी है। इनसे सावधान रहने की जरूरत है।
हरदोई। यह प्रकरण इसलिए और गंभीर माना जा रहा है कि फोन आने के बाद वह कक्षा, पिता का नाम भी बताता है इससे किसी तरह के शक होने की उम्मीद खत्म हो जाती है और बच्चों के साथ अभिभावक भी भविष्य को लेकर सशंकित हो जाते हैं। डीआईओएस ने बताया कि जिले में जो फोन आए उसमें उसने अपना नाम अमनराज बताया और पैसे खाता संख्या 38561024147 पर मंगवाए। जोकि वाराणसी बैंक शाखा का है।
हरदोई। जिले में जो भी फोन आए उनमें शाहाबाद क्षेत्र के तीन छात्र शामिल रहे। उन सभी के पास अलग-अलग नंबरों से फोन आए। यानी गैंग सतर्क भी है। शाहाबाद क्षेत्र के बच्चों ने भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा को इस बावत जानकारी दी। जिसके बाद उन्होंने डीआईओएस से वार्ता की इस प्रकरण को गंभीरता से लेने की बात कही।