सांडी के ग्राम समजलपुर में चकबंदी प्रक्रिया को
रुकवाए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना
प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
कलक्ट्रेट
में धरना प्रदर्शन के दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष राजबहादुर सिंह यादव ने
कहा कि ग्राम पंचायत समजलपुर की भौगोलिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वहां पर
चकबंदी कराई जा सके, क्योंकि यह गर्रा नदी का किनारा है। उन्होंने कहा कि
आधी जमीन क टान में नदी में समां गई है।
जिलाध्यक्ष यादव ने कहा कि
समजलपुर, ऊसरपुरवा, चमारनपुरवा आदि ग्रामों का अस्तित्व ही नदी में चला गया
है। आरोप लगाया कि शुरुआती दौर में ही चकबंदी कर्मचारियों ने लूट खसोट
करके किसानों का शोषण किया है। उन्होंने कहा कि यदि चकबंदी प्रक्रिया को न
रोका गया तो किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।
उन्होंने कहा
कि ऊपरी जमीन नदी में दी जाएगी और नदी वालों को ऊपर लाया जाएगा, जिससे शोषण
और जोर पकड़ेगा तथा किसान आपस में ही लड़ जाएगा। इस दौरान किसानों ने
जोरदार नारेबाजी की और जिलाधिकारी रमेश मिश्र को एक ज्ञापन सौंपा।
दिए गए
ज्ञापन में उक्त के अलावा चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त करके किसानों को शोषण
से मुक्ति दिलाने की मांग की गई। इस मौके पर अनिल पांडे, अमर सिंह राजपूत,
राजकुमार राठौर, भुजा प्रसाद, जगदीश, रामपाल, लाखन, रामविलास और विजय पाल
आदि लोग मौजूद थे।