बुआई से पूर्व जिले के गन्ना किसानों का बकाया हजारों
करोड़ रुपये का भुगतान कराने समेत कई मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन
भानु गुट के पदाधिकारियों और किसानों ने कलक्ट्रेट परिसर में जोरदार
प्रदर्शन किया तथा प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर
कार्रवाई कराए जाने की मांग की।
कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन को
संबोधित करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष गवर्नर सिंह यादव ने कहा कि आलू के
दामों का निर्धारण किसान आयोग द्वारा प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर किया जाए,
ताकि किसानों को उसका हक मिल सके।
उन्होंने कहा कि गन्ने का बकाया मूल्य
जो जिले के किसानों का हजारों करोड़ रुपये है, उसका गन्ने की बुआई से पूर्व
घोषित किया जाए तथा गन्ना खरीद में घटतौली को रुकवाते हुए समय से मिलों को
चालू किया जाए।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि समस्त नहरों, ट्यूबवेलों व लिफ्ट
कैनालों को पूरी क्षमता से चलाकर फसलों की सिंचाई सुनिश्चित कराई जाए,
जिससे किसानों को सूखे से निजात मिल सके।
इस दौरान किसानों ने मांगों को
लेकर जोरदार नारेबाजी की तथा प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन
जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंपकर मांगों पर अमल कर कार्रवाई कराए जाने की
मांग की।
ज्ञापन में उक्त के अलावा 20 घंटे विद्युत की निर्बाध रूप
से आपूर्ति कराए जाने, बढ़ी हुई विद्युत दरों को वापस लिए जाने, सूखा
ग्रस्त क्षेत्रों में कृषि संबंधी कर्ज को वापस कराए जाने की मांगें शामिल
हैं। इस मौके पर भगत प्रसाद, रामपाल, माया प्रकाश राजवंशी, रामरतन कुशवाहा
आदि पदाधिकारी और किसान मौजूद थे।