बेमौसम बारिश के बाद अधिकांश जगहों पर अभी तक पीड़ित
किसानों को मुआवजे की चेक न बांटने के विरोध में मंगलवार को आखिरकार भाकियू
ने अपना धैर्य खो ही दिया। तिकुनिया पार्क पर एकत्र होने के बाद जुलूस की
शक्त में सोल्जर बोर्ड चौराहे पर पदाधिकारियों और किसानों ने जाम लगाया
उसके बाद तहसील का घेराव कर वहां प्रदर्शन किया।
इस दौरान बेमौसम बारिश
से बर्बाद किसानों को जल्द मुआवजे दिलाने के आश्वासन के बाद ही भाकियू
पदाधिकारियों और किसानों ने तहसील परिसर छोड़ा। जिसके बाद ही प्रशासन ने
राहत की सांस ली। तहसील परिसर में घेराव के दौरान भाकियू मंडल अध्यक्ष
रावेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि बेमौसम बारिश के बाद जो किसानों का नुकसान
हुआ है, उसकी भरपाई के लिए जो सरकारों ने किसानों को मुआवजा देने का ऐलान
किया है और उसका पैसा भी जिले को वितरित किया है, पर कई जगह धनराशि राजनीति
की शिकार होकर रह गई है।
कहा कि कुछ जगहों पर ही चेकों का वितरण हो सका और
अधिकांश ग्राम पंचायतें ऐसी ही रह गई है। कहा कि किसानों को यदि यह मुआवजा
मिला, तो आगामी फसल बोने में किसानों को सहयोग मिल सकता है। मंडल
अध्यक्ष ने कहा कि कई बार धरना प्रदर्शन किया गया, पर अब तक इस ओर कोई
नतीजा नहीं निकला और पीड़ित किसान और भी निराश व हताश होकर रह गया है।
विकास खंड टड़ियावां की 90 प्रतिशत ग्राम पंचायत में अभी तक मुआवजा नहीं
दिया गया है। अन्य ब्लाकों का भी यही हाल है। इस दौरान भाकियू पदाधिकारियों
और किसानों ने जोरदार नारेबाजी की। तहसील प्रशासन को अव्यवस्था न हो इसको
लेकर पुलिस भी बुलानी पड़ी।
हालांकि, एसडीएम सदर पप्पू गुप्ता के आश्वासन
के बाद भाकियू ने घेराव व प्रदर्शन खत्म किया। इस दौरान भाकियू ने चेतावनी
दी कि यदि जुलाई माह में मुआवजा न बांटा गया तो 30 जुलाई को चक्का जाम किया
जाएगा। इससे पूर्व भाकियू ने सोल्जर बोर्ड चौराहे पर भी जाम किया।
इस
मौके पर सरदार बहादुर सिंह, रामलखन पाठक, शिवनाथ सिंह, रंजीत सिंह, अचल
प्रकाश शुक्ला, संतोष गौतम, सालिकराम, क्षत्रपाल यादव, पट्टे लाल, राजेश,
इंद्र कुमार, रिंकू गुप्ता, राम सिंह, श्रीकृष्ण यादव, शैलेंद्र राठौर और
जसवंत सिंह आदि मौजूद थे।