कसबे के दलित सर्राफा व्यापारी को जेवर दिखाने के
बहाने ले जाकर लोगों ने उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। हादसे को लेकर
परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। वारदात के कारणों के पीछे लूट या रंजिश को
लेकर असमंजस है। परिजन कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं। लोग दबी
जुबान से यह रंजिश का मामला मान रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार,
अंबेडकरनगर निवासी महेश उर्फ गुड्डू (40) पुत्र हरिराम की घर के पास ही
सर्राफ की दुकान थी। परिजनों के अनुसार वह रविवार सुबह दुकान के लिए गए थे।
काफी देर के बाद खबर आई कि वह शाहाबाद रोड पर ग्राम गदनापुर के निकट
मरणासन्न अवस्था में पड़े हुए हैं।
आनन-फानन पहुुंचे परिजनों को बेहद नाजुक
हालत में पड़े महेश को लेकर सीएचसी पहुंचे। उसकी एक आंख से खून बह रहा था
और शरीर पर भी लोहे की राड आदि किसी चीज से पीटे जाने के निशान थे। सीएचसी
से चिकित्सकों ने उन्हें हरदोई के लिए रेफर कर दिया।
हरदोई में भी हालत में
सुधार न होने पर उन्हेेें लखनऊ के लिए रेफर किया गया था, जहां ले जाए जाते
समय उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार आसपास के
लोगों से केवल इतना पता चला कि कोई व्यक्ति उन्हें जेवरात दिखाने के लिए
गांव ले जाने के लिए आया। वह अपनी बाइक से उसके साथ चले गए।
घटनास्थल पर
लोगोें ने बताया कि यहां पर पहले से एक स्कार्पियो पर सवार तीन-चार अन्य
लोगों ने उसके पहुंचते ही मारपीट शुरू कर दी। उसे बेदर्दी से पीटते हुए आंख
फोड़ दी गई और शरीर पर भी बेरहमी से प्रहार किए गए। यह देखकर बचाने दौड़े
गदनापुर गांव के लोगों की ललकार पर आरोपी स्कार्पियो में सवार होकर शाहाबाद
की ओर ही भाग गए।
वरदात को लेकर परिजन कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं
हैं। परिजन शाम पांच बजे तक तहरीर नहीं दे पाए थे। घटना के पीछे जहां कुछ
लोग लूट की चर्चा कर हैं, वहीं ज्यादातर लोग इसे रंजिश का मामला मान रहे
हैं। महेश की मौत पर पत्नी सुनीता व परिजनों का रोे-रोकर बुरा हाल है।