हरदोई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सबीहा खातून ने कहा कि सिर्फ एक दिन महिला दिवस मनाने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। सभी को अपने आचरण में महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव शामिल करना होगा। महिलाओं को भी आत्मनिर्भर होना होगा। उन्होंने यह बात आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में अमर उजाला के महिला सशक्तीकरण अभियान ‘अपराजिता’ के तहत आयोजित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विधिक जागरूकता शिविर में कही।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही महिलाओं की असली शक्ति है। कहा कि शिक्षित बनें, शक्तिशाली बनें और अपनी ऊर्जा को जानें। घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून सिर्फ ससुराल वालों पर ही नहीं बल्कि मायके पक्ष के लोगों पर भी लागू है।
जब तक पीड़ित खुद आवाज बुलंद नहीं करेगा, उसे न्याय दिला पाना कठिन होता हैं। शासकीय अधिवक्ता सत्यम तिवारी ने भी महिला अधिकारों से छात्राओं को जागरूक किया। अधिवक्ता रश्मि गुप्ता ने पॉक्सो एक्ट की जानकारियां दी। अधिवक्ता अनुराधा अग्रवाल ने कहा कि 12 साल से कम उम्र की बालिकाओं से बलात्कार के अपराधों में मृत्युदंड तक का प्रावधान है।
इससे पहले शिविर की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। छात्राओं विभा शर्मा, निकिता द्विवेदी, नैंसी गुप्ता ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। प्राचार्या रानी भटनागर ने आभार जताया। संचालन स्मृति सिंह ने किया। अधिवक्ता कुसुमलता, रश्मि मिश्रा, नीतू चंद्रा, सल्तनत फातिमा, पीएलवी सिराज, सत्यभामा, दीपचंद्र, कमलेश समेत स्कूल की शिक्षिकाएं व छात्राएं मौजूद रहीं।
दहेज प्रथा के नाम पर महिलाओं का शोषण और उत्पीड़न कब तक होता रहेगा। इस इस पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। इसके लिए सभी को पहल करनी चाहिए।-स्पर्शी श्रीवास्तव।
पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को उठते नहीं देखा जा सकता। इसी मानसिकता के चलते ज्यादातर कार्यालयों में महिलाओं को दबाने का प्रयास किया जाता है।-उर्वशी सिंह।
तमाम जागरुकता कार्यक्रमों और प्रयासों के बाद भी कन्या भ्रूण हत्या बंद नहीं हो पाया है। कानून तो बने हैं, लेकिन पर सख्ती से अमल नहीं किया जा रहा है।-काजल सिंह।
हर महिला को यदि समाज के लोग परिवार की तरह समझें और पीड़िता की एक चीख पर एकजुट हो जाएं तो शायद महिलाओं पर इतने अत्याचार न हों।-प्रतिभा मिश्रा।
फोटो-21-जागरूकता शिविर में मौजूद स्टाफ व छात्राएं। संवाद- फोटो : HARDOI