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Hardoi News: बैराजों ने छोड़ा 1.19 लाख क्यूसेक पानी

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फोटो-35-रामगंगा में बढ़ा पानी। संवाद
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गंगा और रामगंगा नदी का बढ़ा पानी, बाढ़ की आशंका ने बढ़ाई धुकधुकी
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गंगा-रामगंगा नदी में पानी बढ़ने से कटियारी संग कटरी क्षेत्र होगा प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। दो दिन तक गर्रा नदी में पानी बढ़ने के बाद शुक्रवार को गंगा और रामगंगा नदी के बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पानी में सर्वाधिक वृद्धि गंगा नदी में 65 सेंटीमीटर की रही है। बृहस्पतिवार की अपेक्षा गंगा नदी का पानी 135.40 मीटर गेज से बढ़कर शुक्रवार को 136.05 मीटर गेज पर आ गया है।
गंगा नदी के पानी ने चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर की तरफ रुख किया है। वहीं रामगंगा नदी के पानी में 42 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और पानी 134.38 मीटर गेज से बढ़कर 134.80 मीटर गेज पर पहुंच गया है। इससे अब कटियारी के साथ ही कटरी क्षेत्र के नदियों के समीपवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। बैराजों से छोड़े जाने वाली पानी और पहाड़ों पर हो रही बरसात के पानी ने जिले से प्रवाहित नदियों के पानी को बढ़ाने का काम किया है।
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बैराजों से गंगा और गर्रा नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि गर्रा नदी में 10 सेंटीमीटर की कमी दर्ज गई है, लेकिन पानी 144.30 मीटर पर बना हुआ है। गंगा और रामगंगा नदियों में पानी बढ़ने से अब कटियारी और कटरी क्षेत्रों के लोगों की संभावित बाढ़ को देखते हुए धुकधुकी बढ़ने लगी है। नदियों के सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों और खेतों के किसानों को नुकसान की आशंका सताने लगी है।
गर्रा नदी में पानी बाढ़ आने पर कटियारी क्षेत्र के गांवों के लोगों को फसलों के बाढ़ के पानी में डूबने के साथ ही कटान से होने वाले नुकसान को चिंता सताने लगी है। वहीं गंगा और रामगंगा नदी के पानी से कटियारी के साथ ही कटरी क्षेत्र के गांव और फसलें प्रभावित हो जाती है। वहीं बताया गया कि बैराजों से गंगा और गर्रा नदी में 1,18,112 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 69459 क्यूसेक पानी, नरौरा बैराज से 48,653 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं गर्रा नदी में पीलीभीत जनपद के ड्यूनी बैराज से 1,035 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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वर्जन
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी और नदियों के पानी पर नजर रखी जा रही है। नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसलिए अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, फिर भी बिलग्राम, सवायजपुर और शाहाबाद तहसील एसडीएम के माध्यम से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है। वहीं संभावित बाढ़ से निपटने के इंतजाम भी जुटा लिए गए हैं। -
अनुनय झा, जिलाधिकारी
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