फोटो-24- शपथ ग्रहण करते बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी। संवाद
बार और बेंच के आपसी सहयोग से ही वादकारियों के लक्ष्य की पूर्ति संभव : करुणेश सिंह
- बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह में बोले उच्च न्यायालय के न्यायधीश
- जेपी त्रिवेदी ने अध्यक्ष और पंकज सोमवंशी ने महामंत्री पद की शपथ ली
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार ने कहा है कि बार और बेंच के आपसी सहयोग से ही वादकारियों के लक्ष्यों की पूर्ति संभव है। बिना समन्वय के न्याय की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। वह शुक्रवार को बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
बार एसोसिएशन परिसर में आयोजित समारोह में न्यायमूर्ति करुणेश सिंह ने कहा कि बार और बेंच का आपसी सामंजस्य बिगड़ताहै तो समस्याएं पैदा होती हैं। इसके कारण न्याय मिलने में भी दिक्कतें आती हैं। इसलिए दोनों का तालमेल आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्यायधीश बनने से पहले वह भी वकील थे। न्यायधीश बनने पर जिम्मेदारियां ज्यादा बढ़ जाती हैं। विशिष्ट अतिथि अपर सॉलिसीटर जनरल शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि न्याय के क्षेत्र में ज्ञान ही सर्वाेपरि है। अक्सर जटिल मुद्दों पर न्यायधीश वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सहयोग लेते हैं। यह भी कहा कि जितना अधिक ज्ञान होगा उतना ही सशक्त न्याय मिलेगा। कहा कि अधिवक्ता के सहयोग के बगैर बेंच का कोई काम कर पाना संभव नहीं हो सकता। बेंच का काम किसी की मदद करना नहीं है, बल्कि न्याय देना है। इसके बाद नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई गई। जेपी त्रिवेदी ने अध्यक्ष पद की और पंकज सोमवंशी ने महामंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में अपर जिला जज कुसुमलता, सुनील कुमार सिंह, योगेंद्र चौहान, यशपाल, अपर जिला जज भूपेंद्र प्रताप, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋचा वर्मा, अपर सीजेएम अनुराग यादव, मोहम्मद जीशान, लवलेश यादव आदि मौजूद रहे।
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बार और बेंच न्याय रूपी रथ के दो पहिए : जिला जज
जिला जज रीता कौशिक ने कहा कि न्यायरूपी रथ के दो पहिए होते हैंं। इनमें बार और बेंच शामिल हैं। दोनों पहियों का समान गति से गतिमान होना जरूरी है। किसी भी समस्या आने पर वार्ता के जरिए समाधान होना ही बेहतर विकल्प होता है। बार की प्रशंसा करते हुए नई कार्यकारिणी से अपील की किसी तरह की दिक्कत आने पर वार्ता के जरिए ही मामले को निपटाना उचित रहेगा। फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश महेंद्रनाथ ने कहा कि दोनों पक्ष अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिले। अपर जिला जज दीपांशू सिंह ने अधिवक्ताओं की तारीफ की।