प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत ग्रामीण बैंक आफ
आर्यावर्त ने 195 बैंक मित्रों को एक कंपनी के माध्यम से लोगों को बैंक
सेवाएं प्रदान करने के लिए नियुक्त किया है। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक
विनय श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक मित्र पीओएस मशीन के माध्यम से लोगों को
बैंकिं ग सेवाएं प्रदान करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस बाबत नियुक्त किए
गए बैंक मित्रों को ड्रेस वितरण करने के साथ ही उन्हें बैंकिंग सेवाएं देने
के लिए आवश्यक जानकारियां दी गई। बैंक मित्रों द्वारा बैंक खाता खोलने
सहित विभिन्न बैंकिंग सेवाओं एवं सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
लोगों को वित्तीय साक्षर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। ज्ञात हो कि
संपूर्ण वित्तीय समावेशन कार्यक्रम के तहत घर घर खाते खोलने के साथ ही
प्रधानमंत्री जन धन योजनाओं के खातों का नियमित संचालन करने सहित वित्तीय
संबंधी जानकारियां बैंकों द्वारा लोगों को दी जा रही है।
केंद्र सरकार की
भी मंशा है कि लोगों को विभिन्न प्रकार के बचत खातों, चालू खाता, ऋण खाता,
सीसी लिमिट, केसीसी एवं अन्य कर्ज सहित खातों के लिए रखने वाले मानक। बैलेंस
आदि सहित तकनीकी सुविधाओं के बारे में उनके शुल्क के बारे में जानकारी हो,
ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
सूत्रों का कहना
है कि लोग कई बैंकों में एकाउंट खोल लेते है और चेकबुक, एटीएम, इंटरनेट
बैंकिंग, एसएमएस अलर्ट, मोबाइल बैकिंग, सीबीएस चेकबुक सहित तमाम सुविधाएं
ले लेते हैं। कई बैंकों में उक्त सुविधाओं में अलग-अलग शुल्क है या फिर कुछ
बैंकाें में शुल्क नहीं भी है।
इसके अलावा बचत खाते के भी तमाम वर्ग है
जिनमें किन्हीं बैंकों में न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता के साथ शुल्क भी
है। कहीं शुल्क कम है तो कहीं ज्यादा और कहीं शुल्क नहीं भी है। इसी तरह से
करेंट एकाउंट के कई वर्ग है। नेफ्ट, आरटीजीएस, डीडी, लोन, दूसरी बैंकों
का एटीएम प्रयोग करना आदि कार्य को अलग-अलग बैंकों के मानक एवं शुल्क है।
खातों का संचालन एवं प्रबंधन के साथ सतर्कता एवं सजगता के संबंध में भी
जानकारी होना आवश्यक है। जिसके बारे में लोगों को जानकारी होना ही वित्तीय
साक्षरता अभियान का लक्ष्य है।