उबरीखेड़ा प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक
- डीएम ने जांच आख्या और प्रधान व पंचायत सचिव के जवाब के परीक्षण के बाद की कार्रवाई
- श्रम रोजगार उपायुक्त और आरईडी के अधिशासी अभियंता अंतिम जांच के लिए नामित
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांव के विकास और भुगतान में गड़बड़ी पर डीएम अनुनय झा ने विकास खंड भरखनी की ग्राम पंचायत उबरीखेड़ा के प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी है। उन्होंने ग्राम पंचायत की अंतिम जांच के लिए श्रम रोजगार उपायुक्त और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को नामित किया है।
डीएम ने यह कार्रवाई गांव निवासी अर्जित कुमार की शिकायत पर कराई गई जांच और प्रधान व पंचायत सचिव के जवाब के परीक्षण के बाद की है। बताया कि शिकायती पत्र पर उबरीखेड़ा की जांच सहकारिता के सहायक आयुक्त और लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता से कराई गई थी। जांच में प्रधान बृजपाल यादव, पंचायत सचिव अभिषेक सिंह से जवाब-तलब किया गया। जांच में इंटरलाकिंग में एक तरफ ही नाली बनी मिली। ऐसे ही तालाब की सफाई भी नहीं कराई गई थी। मीनू के मकान से राकेश के मकान तक खड़ंजा लगा है, पर नाली नहीं बनवाई गई है। गिरीश के मकान से होली तिराहे तक इंटरलाकिंग और नाली का काम भी ठीक नहीं मिला।
बताया कि प्रधान बृजपाल सिंह यादव के पंचायतीराज अधिनियम के तहत वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई है। जांच में दोषी पाए पंचायत सचिवों पर कार्रवाई के लिए डीडीओ और डीपीआरओ को लिखा गया है। वहीं जांच समिति से कहा गया है कि एक माह के अंदर अंतिम जांच रिपोर्ट प्राप्त कराएंगे।