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मां बगुलामुखी का जन्मोत्सव मनाया

Sun, 15 May 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
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मां की पूजा करते भक्त। - फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। श्री श्रवण देवी मंदिर के निकट भगवती बगुलामुखी देवी का जन्मोत्सव शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। मंत्रोच्चारण के बीच पूजन के साथ ही कन्याओं को भी भोज कराया गया। पुजारी राम विलास तिवारी ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवती बगुलामुखी भगवान शंकर की आठवीं पटरानी हैं। इनका अवतार शत्रुओं पर विजय दिलाना व कठिन से कठिन कार्य करने में सक्षम हैं। यह बहुत ही जल्दी प्रसन्न होती हैं। इनकी उपासना करने वाले कभी दुखी नहीं रहते। यह तांत्रिक देवी हैं। पुजारी ने कहा कि इनके पूजन में कभी भी कोई खामी नहीं होनी चाहिए अन्यथा की दशा में मां नाराज भी होती हैं। विधि विधान से हुए पूजन के बाद मां जल्दी प्रसन्न होती हैं। पूजन के बाद कन्या भोज व भंडारे क ा भी आयोजन हुआ। इस मौके पर काफी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
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भागवत का अर्थ है भक्ति, ज्ञान व वैराग्य
मल्लावां। क्षेत्र के ग्राम सांई में अर्जुन बाबा धाम में हो रही भागवत कथा में वृंदावन से पधारे कथा व्यास पं. प्रदीप कृष्ण महाराज ने भक्ति, वैराग्य के बारे में बताते हुए श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा का अर्थ है कि भक्ति, ज्ञान व वैराग्य के अलावा तपस्या। भागवत सुनने से मनुष्य के अंदर इन चारों गुणों का समावेश होता है। इस कथा को सुनने के लिए स्वंय भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत से पृथ्वी पर आए थे। समस्त देवतागण भी सदैव लालायित रहते हैं। श्रीमद्भागवत कथा से मनुष्य के अलावा प्रेत योनि को भी मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस कथा को मनोयोग पूर्वक सुनने से और अपने जीवन में उतारने से समस्त प्रकार के भय दूर हो जाते हैं। राजा परीक्षित की भांति कथा सुनकर, मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि बड़े भाग्य से यह मनुष्य शरीर मिला है तो व्यर्थ नहीं गवाना चाहिए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य योगेंद्र कुमार, पूर्व प्रधानाचार्य राजाराम सोनी, विनीत वर्मा, अल्का, शिवा समेत कई भक्त मौजूद रहे।
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