हरदोई। जिले के ग्रामीण इलाकों की खस्ताहाल सड़कें विकास के दावों की पोल खोल रही हैं आलम यह है कि कहीं सड़क पर गड्ढा तो कहीं गड्ढे में सड़क हो गई है सिके बाद भी जिम्मेदार इस ओर चेत नहीं रहे है। हैरत की बात तो यह है कि जिले में समाजवादी पार्टी के छह विधायक, दो एमएलसी, एक राज्य सभा सांसद और प्रदेश सरकार में जिला का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद सड़कें बदहाल पड़ी हैं। चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा होता न देख क्षेत्रीय जनता भी अपने को ठगा महसूस कर रही है। मानसून के दस्तक देते ही अधिकंाश सड़कों पर पैदल निकलना भी दूभर हो जाएगा।
बेनीगंज प्रतिनिधि के अनुसार बालामऊ से नगवां क्रय केंद्र के बीच करीब18 किलोमीटर सड़क दो दशक पहले बनाई गई थी लेकिन अब यह सड़क चलने लायक नहीं रह गई है। इस रोड से ग्राम छोटा, त्यौना, त्यौना कलां, रामपुर, बसंतपुर, ओनवां, खेमपुर, लाल्ताखेड़ा, हथौड़ा सहित कई गांव जुड़े हैं। सड़क जर्जर होने से टेंपो, मैजिक जैसे सवारी वाहन भी चलना करीब बंद हो गए हैं। हालत ये हैं कि बाइक सवारों तक को आने जाने में दिक्कत होती है। आए दिन लोग गिरकर चुटहिल हो जाते हैं। गांव लाल्ता के सनकी बाबा, रसीद अहमद ने बताया कि विधान सभा चुनाव के समय सपा प्रत्याशी अनिल वर्मा ने जीतने पर सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था। अनिल वर्मा जीत गए, प्रदेश में चार साल से उनकी पार्टी की सरकार है लेकिन अभी तक बालामऊ-नगवां रोड नहीं बन पाई। त्यौना कलां के मैकू (60) ने बताया कि लोकसभा चुनाव के समय भाजपा प्रत्याशी अंजूबाला ने भी सड़क बनवाने की बात कही थी, लेकिन जीतने के बाद वह भी जनता का दर्द भूल गईं।
मल्लावां प्रतिनिधि के ुअनुसार मल्लावां-बरौन मार्ग, बीकापुर-बरौन मार्ग, नसीरपुर-अजनपुरवा रोड भी जर्जर पड़ी हैं। करीब नौ किलोमीटर लंबा मल्लावां-बरौन मार्ग करीब 12 साल पहले बनाया गया था। तब से आज तक इस रोड की मरम्मत नहीं हुई है। कसबे से करीब 35 गांवों को जोड़ने वाला ये प्रमुख मार्ग है। सड़क जर्जर होने से करीब 10 हजार आबादी को आने-जाने में खासी दिक्कत हो रही है। सराय बसेरा के प्रधान रामेश्वर, अनूप कुमार, नसीर, बरौन के छुन्नीलाल, नसीरपुर के सुशील अवस्थी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान सभी दलों के प्रत्याशियों ने सड़क दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया था, चुनाव बाद कोई देखने नहीं आया। कुछ ऐसा ही हाल चार किलोमीटर लंबे बीकापुर-बरौन मार्ग का भी है। छरियादेवी मंदिर तक को सड़क चलने लायक नहीं बची है। नसीरपुर चौराहे से भजनपुरवा तक उखड़ी सड़क का निर्माण दो महीने शुरू हुआ था। ठेकेदार ने बड़े-बड़े पत्थर डलवाने के बाद काम बंद कर दिया। उन्नाव के गंजमुरादाबाद को जोड़ने वाला ये प्रमुख मार्ग है। सड़क से गुजर रहे शिवकुमार और सुनील ने बताया कि पत्थर पड़े होने से बाइक सवार अक्सर गिरकर जख्मी हो जाते हैं। बाइक से दस मिलने का सफर एक घंटे में पूरा होता है।
हरपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार आठ किलोमीटर लंबा हरपालपुर-मिघौली मार्ग, 10 किलोमीटर लंबे हरपालपुर-बड़ागांव मार्ग, 12 किलोमीटर लंबे अजतुपुर मिरगांवा मार्ग, 5 किमी लंबे टिलियापुर सिमरिया मार्ग भी जर्जर हालत में पड़े हैं। कटियारी क्षेत्र की इन सड़कों के खराब होने से करीब ढाई लाख आबादी के लिए कसबे का आवागमन मुसीबत भरा साबित हो रहा है। बारिश होने पर तो आवागमन बहुत ही मुश्किल हो जाता है। अरविंद मिश्रा पलिया, रामआसरे त्रिपाठी ठरसार के अलावा चौधरियापुर के कश्मीर सिंह ने का कहना है कि चुनाव के समय तो नेता बड़े बड़े वादे करते हैं लेकिन बाद में कोई नहीं आता। सभी दलों के नेताओं ने कटियारी को चारागाह समझ रखा है।
सांडी प्रतिनिधि के अनुसार सांडी से हरदोई जाने वाली बीस किलोमीटर लंबी सड़क अभी तक सिंगल रोड ही है। सांडी के पंकज त्रिवेदी, पुत्तन ईराकी, म्योढ़ा के प्रधान प्रसून अग्निहोत्री ने बताया कि इस सड़क पर जगह-जगह बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र से सपा विधायक राजेश्वरी हैं। कई बार उनको समस्या से अवगत कराया गया लेकिन उन्होंने सड़क बनवाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।