हरदोई। चार वर्ष पहले गर्दन काटकर बाबा की हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रत्नेश कुमार श्रीवास्तव ने पौत्र को उम्र कैद की सजा सुनाई है। मुकदमे के दौरान तीन गवाहों द्वारा अदालत में बयान बदलने के आरोप में वाद दर्ज करने का आदेश देते हुए नोटिस भेजने को भी कहा है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर त्रिपाठी ने बताया कि शाहाबाद थाना क्षेत्र के अमरिता निवासी लालताप्रसाद की 8 जून 2016 को उनके पौत्र शिवशरन उर्फ शन्नू ने फावड़े से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। लालता प्रसाद अपने पुत्र सोबरन के साथ रहते थे। लालता प्रसाद ने पुत्र सोबरन के साथ मिलकर 3 लाख रुपये का कर्ज बैंक से लिया था। लालता प्रसाद के दूसरे बेटे बनवारी का पुत्र शिवशरन इसी बात से नाराज था। इसी रंजिश में उसने बाबा लालता की हत्या कर दी थी। घटना की रिपोर्ट थाने पर सोबरन ने दर्ज कराई थी। बाद में अदालत में गवाही के समय सोबरन, उसके पुत्र वेदराम व वेदराम की पत्नी पूनम गवाही से मुकर गए थे। अदालत ने इस पर सख्त रुख अपना तीनों गवाहों के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश देते हुए उन्हें इस आशय की नोटिस भी भेजने के निर्देश दिए हैं। शिवसरन को दोषी मान उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।