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Hardoi News: होली के बहाने हिंदू एकजुटता को फिर याद किए जाएंगे बाबा चंद्रसेन

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फोटो 20: बाबू दुलीचंद्र चौराहा पर लगी होलिका। स्रोत : आयोजक   - फोटो : संवाद
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हरदोई। शहर के रेलवेगंज के बाबा दुलीचंद्र चौराहे पर 173वां होलिका दहन तीन मार्च को होगा। रंग चार मार्च को खेला जाएगा। होलिका दहन के साथ ही हिंदू एकजुटता के लिए बाबा चंद्रसेन को याद किया जाएगा।
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हरियाणा के रहने वाले बाबा चंद्रसेन ने जिले की पौराणिक होलिका दहन परंपरा को परिचालित किया। अंग्रेजों के शासन काल में इस परंपरा के बहाने हिंदुओं को एकजुट करने का ऐतिहासिक काम भी किया गया था। होलिका दहन के साथ ही बाबा चंद्रसेन को याद किया जाएगा। बाबा चंद्रसेन परिवार के सदस्य अचल अग्रवाल और सोमेंद्र अग्रवाल ने बताया कि महिलाओं की ओर से जीवित होलिका माता पूजन दो मार्च को सुबह 10 बजे से देर शाम तक चलेगा।
महिलाएं उपले और कच्चा सूत से होलिका का पूजन कर परिवार के सदस्यों की लंबी आयु की कामना करती हैं। इस बार होलिका दहन तीन मार्च को रात 9.00 बजे होली पुजारी के सरंक्षण में किया जाएगा। इसमें होलिका माता की पूजा कर हलवा-पूड़ी का भोग लगाया जाएगा। होलिका पूजा का यह सिलसिला अगले दिन रंग चलने तक जारी रहेगा।
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बताया कि बुजुर्गों के मुताबिक, हरियाणा के नारनौल जिले में रहने वाले बाबा चंद्रसेन किसी काम से बिहार जा रहे थे। हरदोई में ठहराव के दौरान वह यहीं के होकर रह गए। भक्त प्रह्लाद के नाम से जिले का नाम पूरे विश्व विख्यात में तो है ही लेकिन जब उन्हें पता चला कि यहां कहीं भी होलिका का नाम तक नहीं है। तब उन्होंने पंडितों और पुरोहितों से उस स्थान की खोज करवाई। पंडितों ने काफी ग्रंथों की खोज की तब उन्हें विष्णु पुराण में जिस भौगोलिक परिदृश्य का वर्णन प्राप्त हुआ उसी स्थान पर उन्होंने होलिका दहन की परंपरा को पूरे विधि-विधान से पुनर्जीवित कराया।

फोटो 20: बाबू दुलीचंद्र चौराहा पर लगी होलिका। स्रोत : आयोजक  - फोटो : संवाद

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