नोट : पड़ताल का लोगो
फोटाे- 25- कोथावां के मुठिया का आयुष्मान आरोग्य मंदिर। संवाद
फोटो-26- आयुष्मान आरोग्य मंदिर झरोइया के गेट पर पड़ा ताला। संवाद
फोटो-27- मुरलीगंज के आयुष्मान मंदिर पर पड़ा ताला। संवाद
फोटो-28- टड़ियावां के हरिहरपुर में आरोग्य मंदिर के बाहर लगा ताला। संवाद
- 340 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित, फिर भी मामूली इलाज के लिए बड़े अस्पताल ही जाना पड़ता
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वास्थ्य सेवाओं को हर गांव तक पहुंचाने की सरकार की मंशा को विभाग के अधिकारियों ने ही पलीता लगा दिया है। मामूली रोगों का इलाज गांव में ही हो इसके लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की व्यवस्था शुरू की गई। जिले में 340 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। सभी के संचालन का दावा भी किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर सच्चाई यह है कि कई आरोग्य मंदिरों के ताले नहीं खुलते। ताले खुल भी गए तो सीएचओ से लेकर चिकित्सक तक पहुंचते ही नहीं। पेश है एक पड़ताल रिपोर्ट
समय 10:10 बजे, आयुष्मान आरोग्य मंदिर मुठिया
सीएचसी कोथावां के मुठिया में आरोग्य मंदिर में शुक्रवार सुबह ताला पड़ा मिला। गांव निवासी पुत्तूलाल ने बताया कि सीएचओ उमेश कुमार तैनात हैं। उनके आने का कोई दिन तय नहीं है। हफ्ते, दो हफ्ते में कभी आ जाते हैं। इसी गांव की उर्मिला बताती हैं कि मामूली बीमारी होने पर दवा लेने 15 किलोमीटर दूर सीएचसी जाना पड़ता है। वजह कि आरोग्य मंदिर का ताला नहीं खुलता।
समय 11:25 बजे, आयुष्मान आरोग्य मंदिर झरोइया
प्रताप नगर चौराहा झरोइया रोड पर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर रायपुर में सीएचओ अंजू सिंह तैनात हैं। आरोग्य मंदिर शुक्रवार सुबह बंद मिला। ग्रामीणों ने बताया कि आरोग्य मंदिर खुलने का कोई दिन निर्धारित नहीं है। चिकित्सक लखनऊ में रहती हैं, कभी-कभार ही आती हैं। अंजू सिंह ने बताया कि एक्सीडेंट हो गया था, इसलिए नहीं आ सकीं।
सुबह 10:05 बजे , आयुष्मान आरोग्य मंदिर मुरलीगंज
टड़ियावां सीएचसी के अंतर्गत मुरलीगंज में आयुष्मान आरोग्य मंदिर है। यहां भी शुक्रवार सुबह ताला पड़ा मिला। सीएचओ शालिनी राजवंशी तैनात हैं। गांव के बृजपाल और देवेश ने बताया कि आरोग्य मंदिर तो हर समय बंद ही रहता है। सीएचसओ कभी-कभार आती हैं। कुछ ही देर में चली जाती हैं। खांसी-जुकाम की दवा भी सीएचसी से लानी होती है।
समय 10:30 बजे, आयुष्मान आरोग्य मंदिर हरिहरपुर
सीएचसी टड़ियावां के अंतर्गत ग्राम हरिहरपुर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर को देखकर लगता है कि वह बीते कई दिन से नहीं खुला है। शुक्रवार को भी ताला लटका मिला। ग्रामीण रामसरन ने बताया कि कई दिन हो गए सीएचसओ नहीं आईं। सीएचओ डॉ. शैलजा श्रीवास्तव तैनात हैं। दवा के लिए सीएचसी या फिर मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है।
अधीक्षक ने दी चेतावनी
सीएचसी कोथावां के झरोइया में लगातार अनुपस्थित रहने वाली सीएचओ अंजू देवी पर कार्रवाई की गई है। लगातार अनुपस्थित रहने और सहकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर अधीक्षक डॉ. विपुल वर्मा ने सीएचओ पर कार्रवाई करते हुए सात दिन का मानदेय रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही अनुपस्थिति के बावजूद ऑनलाइन उपस्थिति दर्शाने पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भी संस्तुति की है।
जिम्मेदार बोले-बंद मिलने की जानकारी नहीं
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के बंद मिलने के बारे में जानकारी नहीं है। अब पता चला है तो संबंधित अधीक्षकों से इसकी जांच करा लेंगे। जहां जहां आरोग्य मंदिर बंद मिले हैं और बिना अनुमति सीएचओ गैरहाजिर हैं तो कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमओ, हरदोई