शहर में चल रहे आटो से चंदा वसूलने वाले एक यूनियन के
नेता के साथियों द्वारा चालक को पीटने पर आटो ने चक्का जाम कर दिया और
एएसपी से मिलकर कार्रवाई करने की मांग की। आटो चालकों को ज्ञापन देने पर
पुलिस के प्रकोप का भी दंश झेलना पड़ा। इससे आटो चालकों में भारी रोष
व्याप्त है।
ज्ञात हो कि शहर में 400 के आसपास आटो संचालित हो रहे हैं।
इन आटो वालों से एक तथाकथित यूनियन के नाम पर एक सत्तापक्ष के नेता आटो
चालकाें से प्रतिदिन रुपये की वसूली करते हैं और अपने द्वारा छपाई गई रसीद
देते हैं। चंदा की रसीद न लेने वाले आटो चालकों के साथ जबर्दस्ती करते है
और उनके सहयोगी चालकों की पिटाई तक कर देते हैं।
इससे आटो चालक परेशान है।
शुक्रवार को देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरा बहादुर निवासी आटो चालक मोहित
कश्यप आटो लेकर आया तो स्टेशन पर यूनियन के संचालक के कार्यकर्ताओं ने उसको
चंदे की रसीद दी, जिस पर उसने कहा कि उसके पास अभी पैसा नहीं है। कुछ समय
बाद आकर दे देगा और रसीद वापस कर दी।
इस पर यूनियन संचालक के सहयोगी और
उनका साला महिला अस्पताल के पास पहुंचा और धमकी देते हुए गालीगलौच किया।
इसके बाद शाम को नुमाइश चौराहे पर रोक कर उन लोगों को मारापीटा। इससे नाराज
होकर शनिवार को सभी आटो चालकों ने आटो बंद कर विरोध जताया और डीएम को
ज्ञापन देने पहुंचे।
जहां से उन्हें पुलिस ने खदेड़ दिया। इसके बाद सभी
एसपी कार्यालय पहुंचे और एएसपी पूर्वी बीसी दुबे से मिलकर यूनियन संचालक के
विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया कि चंदा देने के बाद भी उनको यूनियन
नेता और उसके सहयोगी परेशान करते हैं। एएसपी ने उनको कार्रवाई का आश्वासन
दिया। उधर, आटो बंद होने के कारण शहर के लोग परेशान रहे।