हरदोई में दोपहर में जिंदपीर चौराहा पर सड़क पर खड़े वाहन। संवाद न्यूज एजेंसी
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हरदोई। शहर की यातायात व्यवस्था पटरी से उतरती जा रही है। सभी प्रमुख चौराहे व मार्ग पूरे दिन जाम की गिरफ्त में रहते हैं। इसकी एक बड़ी वजह शहर में ऑटो व ई-रिक्शा का बेतरतीब संचालन है। हाल ये है कि यातायात माह में भी ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की जा रही है।
लंबे समय से शहर जाम के झाम में उलझा हुआ है। हर चौराहे पर अस्थायी रूप से विकसित हो चुके ऑटो और ई रिक्शा के स्टैंड के कारण सुबह से लेकर शाम तक लोग जाम से जूझते हैं।
सड़क पर आड़े तिरछे खड़े ऑटो व ई-रिक्शा लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। अब तक न तो इनके संचालन के लिए रूट निर्धारित हो सका है और न ही इनके खड़े होने के लिए कोई जगह निर्धारित हो सकी है। कहीं ऑटो व ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी नजर आती हैं तो कहीं किशोर इनका संचालन करते दिखते हैं। जिसके कारण हादसे भी होते रहते हैं। कुछ समय पूर्व प्रशासन की ओर से इसको संज्ञान में लेकर ऑटो व ई-रिक्शा के रूटवार संचालन की योजना बनाने की कवायद शुरू की थी, लेकिन ये ठंडी पड़ गई। इधर एक नवंबर से यातायात माह की शुरुआत हो गई है। इसके बाद भी व्यवस्था में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। शहर के लोगों का कहना है कि ऑटो व ई-रिक्शा के संचालन के लिए प्रशासन को ठोस रूपरेखा बनानी चाहिए।
अभियान चलाकर की जा रही है कार्रवाई
हरदोई। यातायात प्रभारी कमलेश कुमार ने बताया कि शहर को जाम से मुक्त रखने के लिए चौराहों पर यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है। पार्किंग और नो पार्किंग जोन चिह्नित किए गए हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ऑटो व ई-रिक्शा के संचालन को भी व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि यातायात माह में सभी वाहनों की जांच के साथ ही ऑटो व ई-रिक्शा की जांच की जा रही है, जिनका संचालन नियम विरुद्ध होते पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।