गायत्री परिवार के तत्वावधान में शहर के आवास विकास
पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य श्याम बृजवासी ने कहा कि
श्रीकृष्ण पूर्ण हैं, जबकि मानव अपूर्ण है। यदि मानव अपूर्ण से पूर्णता को
प्राप्त करना चाहता है, तो वह भागवत कथा का रसास्वादन अवश्य करें।
आचार्य
ने कहा कि आज मकर संक्रांति है, आज ही के दिन भीष्म पितामह ने सूर्य के
उत्तरायण होने पर प्राणों का त्याग किया था। कहा कि माताएं जन्मदाती की
भूमिका ही नहीं निर्माता की भी भूमिका निभाएं, तभी कपिल मुनि जैसी दैवीय
गुणों से युक्त संतानें जन्म लेंगी।
इस मौके पर संगीतकार जगदीश पाटीदार,
ऋषिपाल, धनंजय, बृजेश ने भजन सुनाया। गायत्री प्रज्ञा पीठ के मुख्य प्रबंध
ट्रस्टी अतुल कपूर ने भी पौराणिक कथाओं की व्यवहारिकता पर प्रकाश डाला। इस
मौके पर आयोजक राजेश सिंह सोमवंशी, कुमकुम सिंह, मुकेश भाई, केके सिंह,
अनिल सिंह, राहुल, हरिश्चंद्र मिश्र, अभय सिंह आदि मौजूद थे।