हरदोई में अतरौली चौराहा पर जाम लगाए महिलाएं और पीछे खड़ी सीओ की गाड़ी। संवाद न्यूज एजेंसी
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हरदोई। अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम नरियाखेड़ा में प्लाट पर निर्माण को लेकर हुए विवाद में अतरौली थाने की पुलिस ने भी लापरवाही बरती। दीवान का पक्ष लेते हुए थाने की पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवाने के बाद उपजे तनाव को भी बेहद हल्के में लिया।
मारपीट और फायरिंग से पहले हुए विवाद का वीडियो भी वायरल हो गया। इस वीडियो में दोनों पक्ष के लोग लाठी-डंडों से लैस नजर आ रहे हैं, वहीं फायरिंग का आरोपी दीवान राजकुमार बावर्दी दिख रहा है। इतना सब होने के बाद भी पुलिस की मौके पर मौजूदगी न होना कई सवाल खड़े करता है। यही कारण रहा कि ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया और थाने के अंदर घुसकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। भैयालाल पक्ष से हिरासत में लिए गए गुनीराम को भी पुलिस ने बाद में छोड़ दिया। दरअसल गुनीराम संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान का भाई है। पूरे मामले पर एसपी अमित कुमार ने बताया कि भूमि विवाद में घटना हुई है। गोली चली है, लेकिन किसकी गोली से लोग घायल हुए हैं ये फिलहाल स्पष्ट नहीं है। गोली लगने से घायल पप्पू के उपचार के लिए साथ में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी को भेजे जाने की बात एसपी ने कही।
पत्नी के नाम आरा मशीन तो रिश्तेदार चला रहे कोयला भट्ठियां
पिहानी कोतवाली में तैनात दीवान राजकुमार सिंह 2007 से लेकर 2010 तक अतरौली थाने में तैनात रहा था। इसी दौरान उसने अपना रसूख भी इलाके में कायम कर लिया। आलम ये है कि सिपाही राजकुमार सिंह की पत्नी सरोज सिंह के नाम आरा मशीन का लाइसेंस बन गया और जिस भूमि को लेकर विवाद हुआ उसके पिछले हिस्से में ही आरा मशीन का संचालन किया जाने लगा। स्थानीय लोग बताते हैं कि राजकुमार सिंह का एक करीबी रिश्तेदार अतरौली थाना क्षेत्र में कोयले की भट्ठियां भी चलाता है।
छुट्टी लेकर अतरौली गया दीवान राजकुमार
दीवान राजकुमार के अतरौली में मौजूद होने पर पिहानी कोतवाल सूर्यप्रकाश शुक्ला ने बताया कि राजकुमार शनिवार शाम को तीन दिन का अवकाश लेकर कोतवाली से गया है। मौखिक तौर पर उसने अतरौली जाने की बात कही थी। विवाद के बारे में कोई जानकारी उसने नहीं दी थी।