जनपद में विकास की दर लगातार नीचे गिर रही है। जिसको
लेकर शासन काफी चिंतित है। निर्माण की संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे
कार्याें तो समय से पूरे हो नहीं रहे हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन
योजना से भी स्वरोजगार प्रशिक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा। जिसको लेकर
सीडीओ ने निर्माण संस्थाओं सहित स्वरोजगार प्रशिक्षण के लिए जिला कमेटी के
साथ अलग अलग बैठक कर दिशा निर्देश दिए।
डा. राम मनोहर लोहिया समग्र
ग्राम योजना से चयनित गांवों में आवास, सीसी रोड और केसी ड्रेन समेत तमाम
निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, पर जिले में निर्माण कार्यों की स्थिति
क्या है यह सब भली प्रकार से जानते हैं। जनपद में अधूरे पड़े कार्याें से
विकास की दर अब यह हो गई है कि प्रदेश में जनपद नीचे से 10 नंबर में
74 वें स्थान पर आ चुका है।
एक ओर विकास की दर को बढ़ाने के दावे किए जा
रहे, वहीं स्थिति यह निकल कर आ रही है। ऐसे में शासन ने काफी नाराजगी
व्यक्त की है और चिंता भी व्यक्त की। शासन से आपत्ति जताए जाने के बाद
मुख्य विकास अधिकारी आरएनएस यादव ने सोमवार की देर शाम को निर्माण की
कार्यदायी संस्थाओं की बैठक बुलाई।
जिसमें जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई
गई। अधिशासी अभियंता आरईएस समेत अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों
को प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं मंगलवार को उत्तर प्रदेश कौशल
विकास मिशन के अंतर्गत जिला कार्यकारिणी की बैठक हुई।
मुख्य विकास अधिकारी
ने इस दौरान मिशन से जुड़े सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को वित्तीय वर्ष के
दौरान दिए गए अपने लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि बेरोजगार
युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार के प्रति
जोड़ना भी आवश्यक है।
जिसकी ओर कदम बढ़ाए जाएं और नवीन अवसर खोजे जाएं।
कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक डा. संजय कुमार ने भी जानकारी दी। बैठक
में एमआईएस मैनेजर शशिकांत सिंह व प्रीती सिंह, डीपीआरओ एचएस मिश्रा व
इंडस्ट्रीज आरसी पाठक आदि मौजूद थे।