दिसंबर माह में प्रस्तावित अश्वमेध यज्ञ को लेकर
गायत्री प्रज्ञापीठ पर आयोजित गोष्ठी में सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र मोहन ने
कहा कि अश्वमेध यज्ञ संस्कृति को जागृत करने का सशक्त माध्यम होता है।
पिहानी में यज्ञ के आयोजन से पूरे क्षेत्र को इसका लाभ पहुंचेगा।
कार्यक्रम
का दीप जलाकर शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि जितेंद्र मोहन ने कहा कि
गायत्री खुशहाली का पर्याय है। पुरातत्व विभाग के निदेशक प्रहलाद कुमार
सिंह ने कहा कि यज्ञ अध्यात्म के साथ-साथ वैज्ञानिक महत्व भी रखता है।
अध्यात्मिक दृष्टि से छठी सातवीं शताब्दी के बाद जब यज्ञ परंपरा शिथिल हुई
तो हमारा देश गुलामी की ओर चला गया।
वातावरण में प्रदूषण से मानसिक
विकृतियां भी बढ़ती गईं। उन्होंने दावा किया कि अश्वमेध यज्ञ के बाद
वातावरण में चमत्कारिक परिवर्तन आएगा। गायत्री तपोवन के प्रबंध ट्रस्टी
अशोक सिंह ने अश्वमेध यज्ञ के आयोजन को पिहानी का सौभाग्य कहा। उन्होंने इस
महासंकल्प को एकजुट और संगठित होकर पूरा करने का सभी से आह्वान किया।
प्रज्ञा पीठ के प्रमुख ट्रस्टी अतुल कपूर ने अतिथियों को गुरुदेव साहित्य व
श्रीफल भेंट किए। इस मौके पर कुशी बाजपेई, अवधेश रस्तोगी, आशू व्याला,
विमल सिन्हा, रामकिशोर सिंह, देशराज, सुनीत बाजपेई, दिनेश गुप्ता, नवनीत
बाजपेई, संजय सिंह, शैलेंद्र अर्कवंशी, रामलाल, प्रियंक दीक्षित व राजीव
गुप्ता आदि मौजूद थे।