जिले में वसंत पर्व के आगमन पर गुरुवार को कार्यक्रमों की धूम रही। स्कूलों में जहां इसको लेकर विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। वहीं, घरों से लेकर मंदिरों तक में मां सरस्वती की वंदना व अराधना की गई।
प्रत्येक वर्ष की भांति ही इस बार भी वसंत पंचमी के अवसर पर राम जानकी मंदिर में वसंतोत्सव मनाया गया। सर्वप्रथम गीता का पूजन मंदिर के प्रधान पुजारी मैथलीशरण शास्त्री ने किया। इसके बाद संस्कृत प्रेमियों, छात्र-छात्राओं व संस्कृत के विद्वानों ने 18 अध्यायों का सस्वर पारायण किया गया।
गायत्री शक्तिपीठ अशराफ टोला में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में दिव्य एवं भव्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए टोली नायक हरिहर वत्स सिंह ने कहा कि हमारे यहां अशिक्षित, गुणहीन, बलहीन व्यक्ति को पशुतुल्य माना गया है। आज के दिन मां सरस्वती का जन्मदिन मनाया जाता है। उनके अनुग्रह के लिए कृतज्ञता भरा अभिनंदन किया जाता है। इस दौरान देवपूजन के साथ पांच कुंडीय यज्ञ संपन्न किया गया।
इस दिन 14 परिजनों ने 40 दिवसीय गायत्री महामंत्र जप अनुष्ठान का संकल्प लिया। इसके साथ ही विभिन्न संस्कार, दीक्षा संस्कार, जन्मदिन संस्कार, विद्यारंभ संस्कार भी कराए गए।
इस मौके पर शिवशंकर सविता, राममूर्ति, धीरेंद्र सिंह, सुदर्शन सिंह, लक्ष्मी नारायण पांडे, रामश्री, मनीष आदि मौजूद रहे। इधर सरस्वती शिशु मंदिर विष्णुपुरी में मां सरस्वती का पूजन हवन के साथ प्रारंभ हुआ। इस दौरान बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
सरस्वती शिशु मंदिर विष्णुपुरी में हवन पूजन का आयोजन किया गया। इसमें गंगा देवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. अभिराम सिंह, प्रधानाचार्य रामलाल तिवारी, विनोद श्रीवास्तव, राजकुमार सिंह, राष्ट्रीय सेवक संघ के जिला संघ चालक कृष्ण मोहन ने आहूतियां दीं।
मुख्य अतिथि के रूप में पं. हरिशंकर मिश्रा महाविद्यालय के व्यवस्थापक धनंज्य मिश्रा रहे। इस मौके पर आचार्य विनय कुमार सिंह, ललित मोहन बाजपेई, सूर्यकांत त्रिपाठी, रामनरेश आदि मौजूद रहे। मंगलीपुरवा स्थित श्री डाल सिंह स्कूल स्थित मंदिर में भी वसंतोत्सव धूमधाम से व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। पूजन प्रबंधक अखिलेश सिंह ने किया। इस मौके पर सभी शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।