हरदोई। ग्राम पंचायतों के प्रशासकों को पहले से ही खातों में करीब 19 करोड़ रुपये मिले हैं। शासन ने पांचवें वित्त आयोग की मद में पंचायतों को विकास और खरीदारी के लिए करीब 20 करोड़ रुपये और दे दिए हैं। पांचवें वित्त आयोग की मद में शासन ने ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों को रुपये दिए हैं।
शासन ने पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर पंचायतीराज संस्थाओं को चालू वित्तीय वर्ष में जून माह में प्रदेश के लिए एक हजार करोड़ रुपये दिए हैं। शासन के विशेष सचिव आलोक दीक्षित ने आदेश भी जारी किया है। इसमें से जिले की पंचायतों के हिस्से में करीब 20 करोड़ रुपये आए हैं। इसमें ग्राम पंचायतों के हिस्से में करीब 14 करोड़ रुपये आएंगे जबकि 15-15 प्रतिशत जिला और क्षेत्र पंचायत के हिस्से में जाएंगे। पांचवें वित्त आयोग की मद में रुपये मिलने से गांवों में विकास और निर्माण कार्यों के साथ ही जलनिकासी, पेयजल आदि व्यवस्था और सामग्री आदि की खरीदारी के साथ ही सार्वजनिक भवनों के कायाकल्प के कार्यों पर खर्च किए जा सकेंगे।
बताया कि ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के माध्यम से काम कराया जाएगा जबकि क्षेत्र और जिला पंचायतों में अभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के माध्यम से काम कराया जा सकेगा। जून माह में रुपये मिल जाने से गांवों में और काम कराए जाने की उम्मीद जाग गई है हालांकि ग्राम पंचायतों को नवीन काम कराने के लिए डीएम से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है।
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पंचायतों में काम कराने के लिए खातों में रुपये उपलब्ध हैं। इधर, पांचवें वित्त आयोग की मद में भी शासन ने रुपये दे दिए हैं। इससे गांवों में बरसात से पहले और भी काम कराने में आसानी रहेगी। -श्रेया उपाध्याय, डीपीआरओ