तहसील क्षेत्र के ग्राम बंजारन पुरवा में दोपहर बाद
करीब 3 बजे अचानक आग लगने से 113 झुग्गी-झोपड़ियां राख हो गईं। इस दौरान
चार मवेशी भी आग की भेंट चढ़ गए। सूचना के दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे
दमकलकर्मियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना की सूचना
पर तहसील के राजस्व कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट
तैयार की। मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर बाद करीब तीन बजे
अचानक बंजारन पुरवा गांव में फत्ते की झोपड़ी में अचानक आग लग गई।
इससे
पहले कोई कुछ समझ आग में घी का काम चल रहीं तेज हवाओं ने किया और आग ने
आसपास की झोपड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की विकरालता को देख
गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीण बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू करने
का प्रयास करने लगे।
इस दौरान ग्रामीणों ने दमकल को सूचना दी, तो दमकलकर्मी
एक छोटे वाहन के साथ मौके पर पहुंचे, पर आग पर काबू न कर सके। इसके बाद
बड़े वाहन के पहुंचने पर आग पर काबू करने की कोशिश की गई और एक घंटे के बाद
आग पर काबू पाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन घंटे तक आग का
तांडव चलता रहा। आग की चपेट में आने से रांझा, लाले, दरबारी, चांद, साबिर,
रबिया, सारा, पीरबक्स, रज्जो, जोरा, कासिम, जैदी, मेंहदी, करिया, जिप्पी,
झल्लू, हबीब, जमाल, नासिर आदि समेत करीब 113 लोगों की झुग्गी झोपड़ी और घर
पर रखा गृहस्थी का सामान खाक हो गया।
इस बाबत एसडीएम पीपी तिवारी ने बताया
कि आग लगने की सूचना मिली है और जो भी मदद हो सकेगी की जाएगी। बताया कि राजस्व कर्मियों को मौके पर भेजा गया है, जिन्होंने 113 झोपड़ियों
के आग से राख होने की सूचना दी है।