मल्लावां (हरदोई)। मठकरिया के मजरा राजेपुर निवासी जयनारायन पाल का बेटा अनुज पाल यूक्रेन से रविवार को गांव पहुंचे। परिजन ने उनका स्वागत करते हुए राहत की सांस ली। अनुज के साथी उनसे यूक्रेन के हालात से लेकर गांव पहुंचने तक के सफर को पूछ रहे हैं।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मठुकरिया मजरा राजेपुर निवासी जयनारायन पाल वर्तमान में सेमरा चौराहे पर रह रहे हैं। उनका पुत्र अनुज पाल तीन वर्ष पहले एमबीबीएस करने यूक्रेन के डिनीप्रो शहर गया था।
उसकी पढ़ाई के तीन साल पूरे हो चुके हैं। इस वर्ष चौथा वर्ष है। वहीं, परिवार की वर्षा पाल भी साथ में पढ़ाई कर रही थी। उसका पहला वर्ष था। रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने से वहां पर फंस गए थे।
यूक्रेन में युद्ध से हालात खराब हो रहे थे। इस पर उसने छात्र-छात्राओं व वर्षा पाल के साथ एक फरवरी को डिनीप्रो शहर छोड़कर पड़ोसी देश रोमानिया के सुसेवा शहर पहुंच गए थे। जहां से पांच मार्च को सरकार द्वारा उनको भारत लाया गया।
रविवार को मठुकरिया गांव पहुंचने पर परिजनों ने स्वागत किया। वर्षा परिवार के पास दिल्ली में रुक गई है। अनुज के गांव पहुंचने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। मां अनीता ने बताया कि बेटे के यूक्रेन में फंस जाने से हम लोग परेशान हो गए थे।
भारत सरकार ने बहुत ही अच्छा काम किया जो सभी बच्चों को वहां से निकाल कर घर पहुंचा रही है। अनुज ने बताया कि हम लोगों से टिकट के पैसे भी नहीं लिए गए।
सभी को निशुल्क भारत लाया गया है। लोग अनुज से यूक्रेन के हालातों की जानकारी भी ले रहे है। पिता जयनारायन, भाई अमित, बहन रचना, चाचा अमरेश दादी कैलाशा ने राहत की सांस ली।
ये छात्र भी यूक्रेन से भारत पहुंचे
एडीएम वंदना त्रिवेदी ने बताया कि संडीला के अशरफ टोला निवासी सुमित बौद्ध दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा बिलग्राम कोतवाली निवासी वैभव कुमार भी अपने घर पहुंच गए हैं। बताया कि बचे हुए छात्रों को भी केंद्र सरकार जल्द से जल्द लाने के लिए प्रयास कर रही है।