जनपद सहित आसपास के जिलों में लूट का पर्याय बने तीन
शातिर लुटेरों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान धर दबोचा। इस दौरान पुलिस ने
उनके पास से एक बाइक और तमंचे भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने बदमाशोें के
विरुद्ध कार्रवाई कर जेल भेज दिया है।
ज्ञात हो कि शहर कोतवाली क्षेत्र
के कैथेलिया निवासी अखिलेश उर्फ डीके पुत्र राजेंद्र जनपद सहित आस पास के
जिलों में लूट की घटनाओं में वांछित था। इसके साथ ही गांव निवासी संगम भी
कई लूट की घटनाओं में वांछित चल रहा था। इसके अलावा गांव का ही सोलंकी शहर
कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है और कई लूट की घटनाओं में वांछित चल रहा था।
बताया जाता है कि जनपद के साथ आस पास के जिलों की पुलिस उसकी तलाश कर रही
थी। बताया जाता है कि शहर कोतवाली पुलिस ने फर्दापुर के पास तीन बदमाशों को
बाइक से जाते हुए देखा तो उनको रोकना चाहा, जिस पर बदमाशों ने फायर कर
दिया। बदमाशों के फायर करने पर पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया और दोनों
पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई।
इस दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को
धर दबोचा। शहर कोतवाल नागेश मिश्र ने बताया कि अखिलेश उर्फ डीके पर जनपद
सीतापुर में जीआईसी के पास पांच लाख, सीतापुर में ही अप्रैल माह में दो
लाख रुपये की लूट के मामले वांछित है। इसके अलावा जनपद में कछौना में महिला
के साथ 41 हजार रुपये, बिलग्राम में लूट की घटना में वांछित है।
उस पर
एसपी की ओर से दो हजार रुपये का इनाम घोषित है। इसके अलावा संगम ने लखनऊ
में काकोरी व गौसईगंज थाने में लूट की घटनाओं में वांछित था और शहर में
रेलवेगंज में एक लाख रुपये की लूट में वांछित है। सोलंकी शहर कोतवाली का
हिस्ट्रीशीटर है।
वह भी लखनऊ के गौसाईगंज व काकोरी थाने में वांछित है। वह
डेढ़ माह पूर्व ही जमानत पर छूटा था। पुलिस टीम द्वारा शातिर बदमाशों को
गिरफ्तार करने पर एसपी उमेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी बीसी
दुबे और सीओ रामलाल राय ने बधाई दी है।