हरदोई। बिजली के तार चोरी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) फर्रुख इनाम सिद्दीकी ने खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं और इस स्तर पर राहत देने से विवेचना प्रभावित हो सकती है।
शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बीती दो जून को गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि सुधीर रैदास उर्फ सुधीर कुमार अपने साथियों संदीप पासी, सचिन कुमार, चंद्रसेन उर्फ शंभू रैदास, मोनू रैदास, सचिन वर्मा, राजीव कुमार उर्फ शर्मा और रवि सिंह के साथ मिलकर बिजली के तार चोरी कर आर्थिक लाभ अर्जित करता था। सुधीर कुमार को गैंग लीडर बनाया था।
आरोपियों में शामिल सुरसा थाना क्षेत्र के जमुनापुर निवासी मोनू और राजीव ने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। उनके अधिवक्ता ने कहा कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है। प्राथमिकी देर से हुई है। गैंग का सदस्य होने का कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि गिरोह के सदस्यों के खिलाफ पहले से अलग-अलग थानों में चोरी और संगठित अपराध के कई मामले दर्ज हैं।
कई मामलों में आरोप पत्र भी दाखिल हो चुके हैं। इन्हीं आपराधिक गतिविधियों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने केस डायरी और उपलब्ध अभिलेखों से प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप मानते हुए दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।