हरदोई। गांव में विकास कार्यों और भुगतान में गड़बड़ी पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने नाराजगी की है।
उन्होंने शाहाबाद की ग्राम पंचायत शाहपुर नाऊ के प्रधान और पूर्व प्रधान को नोटिस जारी किया है। दोनों से 15 दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांगे हैं। वर्तमान प्रधान को चेतावनी दी है कि साक्ष्य समेत जवाब न आने और संतोषजनक न होने पर पंचायतीराज अधिनियम में कार्रवाई कर दी जाएगी। भुगतान के मामले में वीडीओ (ग्राम विकास अधिकारी) पर भी दोष सिद्ध हुआ है।
डीएम ने शाहपुर नाऊ के प्रधान राजेश कुमार सिंह ओर पूर्व प्रधान सुभद्रा सिंह को नोटिस दिए हैं। बताया कि शाहपुर नाऊ में आरआरसी के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध होने के बाद भी काम बंद था। शाहाबाद तहसीलदार और डीपीआरओ ने निरीक्षण किया था, जिमसें काम बंद होने की रिपोर्ट दी गई है। साल 2020-21 में स्वीकृत पंचायत भवन में शौचालय को क्रियाशील नहीं कराया गया, जबकि वह क्षतिग्रस्त है।
चार साल में केंद्रीय वित्त आयोग की मद में 38,36,542 रुपये खर्च किए हैं, लेकिन न तो शौचालय को दुरुस्त कराया गया और न ही तालाब के पास सुरक्षा की दृष्टि से चारदीवारी बनवाई गई। काम पूरा कराए बिना ही हैंडपंप रिबोर आदि के भुगतान के लिए वीडीओ रितु कुशवाहा भी दोषी हैं। ग्राम स्वराज पोर्टल पर निकाले गए भुगतान से जुड़ी पत्रावलियां भी पंचायत सचिवालय में नहीं मिली थी। प्रधान राजेश कुमार सिंह पुत्र और वीडीओ ने अपने परिवारजन के नाम से भुगतान निकाला है। 2025-26 की कार्ययोजना भी अधूरी मिली।