विकास के नाम पर एर्क इंट तक न लगने से गुस्साएं
ग्रामीणों ने मंगलवार को तहसील पहुंचकर एसडीएम का घेराव करते हुए ग्राम
प्रधान और सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी। उन्होंने क्षेत्रीय
जनप्रनितिनिधयों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विकास का अश्वासन देते
लेकिन बाद में मुड़कर नहीं देखते।
उन्हाेंने मामले की जांच कर कार्रवाई
की मांग की। इस दौरान एसडीएम पीपी तिवारी ने ग्रामीणों की समस्या को
गंभीरता से लेते हुए जांच बीडीओ को सौंपी है। ज्ञात हो कि ग्राम सभा
साहिमपुर हरैया के छह मजरों में मड़िया, तिरसैला, महल्ला, सरियरलपुरवा में
एक दशक के दौरान विकास के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं लगी, जबकि हर्रैया और
साहिमपुर में थोड़ा करवाकर बड़े बड़े विकास के दावे किए गए।
विकास से अधूरी
इस सभा में ग्रामीणाें का पैदल निकलना भी दूभर हो रहा है। आलम यह है कि
गांव की मुख्य सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे है तो संपर्क मार्ग भी दयनीय हालत
में। कहीं दलदल है तो कहीं पर कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे आजिज आए
ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। गांव के रामप्रकाश, सुभाष,
राकेश, रामकुमार, लक्ष्मण, रामपाल समेत 25-30 लोग तहसील पहुंचे और प्रधान व
सेक्रेट्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम को घेरा।
उन्होंने कहा कि
वह आश्वासनों से तंग आ चुके है। गांव की स्थलीय जांच कराकर दोषियों के
विरुद्ध कार्रवाई की जाए। एसडीएम ने मामले की जांच खंड विकास अधिकारी को
सौंपते हुए इसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द देने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा
कि रिपोर्ट आने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।