केंद्र सरकार द्वारा संचालित मिड-डे मील योजना के तहत
प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में कार्यरत रसोइयों को पूरे साल का मानदेय
दिलाने समेत उनकी कई समस्याओं का निराकरण कराने की मांग को लेकर रसोइया एवं
मजदूर जन कल्याण समिति के बैनर तले रसोइयों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में
प्रदर्शन किया तथा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
कलक्ट्रेट में समिति की
जिलाध्यक्ष रानी अग्निहोत्री ने कहा कि रसोइयों का जनवरी से लेकर अब तक का
वेतन न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है, इसलिए लंबित मानदेय को
तत्काल दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष रसोइयों की नई चयन प्रक्रिया
को बंद कर इनका नियमितीकरण हो और उन्हें पूरे साल का मानदेय माहवार दिया
जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों की सफाई चपरासी या सफाई कर्मचारी से कराने
की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और रसोइयों को इसके लिए जिम्मेदार न ठहराया
जाए। प्रदेश उपाध्यक्ष गोमती गौतम ने कहा कि रसोइयों को कम से कम विभाग
द्वारा रसोइया होने का एक विभागीय पत्र या परिचय पत्र दिया जाए और माह में
संगठन की बैठकों के लिए एक छुट्टी स्वीकृत की जाए।
उन्होंने कहा कि
रसोइयों का शासनादेश 10 माह का बना है, जबकि काम 11 माह लिया जाता है। यदि
कार्य 11 माह लिया जा रहा है, तो मानदेय भी उसी के अनुसार दिया जाना चाहिए।
इस दौरान रसोइयों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की तथा जिलाधिकारी रमेश
मिश्र को 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की।
इस मौके पर जिला
कांग्रेस कमेटी के सुख सागर मिश्र, शशि भूषण मिश्र शोले, आशीष सिंह के
अलावा प्रदेश अध्यक्ष संपदानंद मिश्र, सुनीता देवी, निशा शर्मा, रामश्री,
कमला, श्रवण कुमार मौर्या, रामकुमार गौतम, रेशमा आदि मौजूद थे।