बाल विकास विभाग से संचालित आंगनबाड़ी केंद्राें पर बच्चों के लिए की गई व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी राज्य नियोजन संस्थान को दी गई है। टीम ने निरीक्षण से पहले कुछ सूचनाएं मांगी हैं। ऐसे में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सीडीपीओ को निर्देशित किया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्राथमिक शिक्षा और गर्म भोजन दिया जाता है। सरकार प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का बजट एक जिले को देती है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिल रही सुविधाओं की पड़ताल के लिए शासन ने राज्य नियोजन संस्थान को जिम्मेदारी सौंपी है।
राज्य नियोजन संस्थान ने जनपद में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के संबंध में जानकारियां मांगी हैं। इसके बाद निरीक्षण कर रिपोर्ट का सत्यापन भी कराया जाएगा। इस संबंध में अफसरों को निर्देश आ गए हैं। राज्य नियोजन संस्थान ने 15 से 20 नवंबर के बीच आंगनबाड़ी केंद्र व बाल विकास परियोजना कार्यालयों की सूचनाएं देने तथा 20 नवंबर के बाद केंद्रों का निरीक्षण करने की तिथि निर्धारित की।
राज्य नियोजन संस्थान से निर्देश आने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को अपने आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए। बाल विकास परियोजना अधिकारी बिलग्राम बहार आरा जैदी, बाल विकास परियोजना अधिकारी कछौना मीना मिश्रा तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी संडीला शाहीन बानों को टीम के भ्रमण की जिम्मेदारी दी है।