चतुर्थ महामृत्युंजय गायत्री महायज्ञ एवं श्रीराम कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को हरिद्वार से आई टोली यज्ञ कराया। श्रद्धालुओं ने प्रकृति की रक्षा व वायुमंडल की शुद्धीकरण के लिए हवनकुंड में आहुतियां डालीं।
पर्यावरण संवर्धन टोली नायक गंगा सिंह ने जल संरक्षण के महत्व को बताया और उपस्थित श्रद्धालुओं से जल का अपव्यय न करने का आह्वान किया। इसके बाद यज्ञकुंड में आहुतियों डालने का क्रम शुरू हुआ। इससे पूरा यज्ञ स्थल गायत्री मंत्र से गूंज उठा।
आयोजक मंडल के सत्येंद्र सिंह व अनुपम अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया। सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सात नवंबर को सुबह सात बजे रामचरित मानस पाठ, नौ बजे देवपूजन व यज्ञ एवं सायं चार बजे से सांय सात बजे तक संगीतमय श्रीराम कथा होगी।