कोथावां में हो रही श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा करते कथा व्यास अंकुर रामानुज। संवाद
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बेनीगंज। कोथावां कस्बे में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास अंकुर रामानुज दास ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस तरह भगवान ने इंद्र का घमंड चकनाचूर किया।
कथा व्यास ने बताया कि कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस उसको मौत के घाट उतारने के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षस पूतना को भेजता है। पूतना वेष बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है, लेकिन भगवान श्री कृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं।
उसके बाद कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने के की तैयारी करते हैं। भगवान कृष्ण द्वारा उनको भगवान इंद्र की पूजन करने से मना करते हुए गोवर्धन महाराज की पूजन करने की बात कहते हैं। इंद्र भगवान उन बातों को सुनकर क्रोधित हो जाते हैं।
वे क्रोध से भारी वर्षा करते हैं। इससे ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं। भारी वर्षा को देख भगवान श्रीकृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर पूरे नगरवासियों को पर्वत को नीचे बुला लेते हैं।
हार कर इंद्र एक सप्ताह के बाद बारिश को बंद कर देते हैं। इसके बाद ब्रज में भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन महाराज के जयकारे लगने लगते हैं। इस मौके पर राहुल पांडेय, अखिलेश शुक्ला, अनिल सिंह, ललित तिवारी, मनीष मिश्रा, आशीष अवस्थी, नंदकिशोर वाजपेयी, प्रियंका मिश्रा आदि मौजूद रहे।