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Hardoi News: उर्स का मेला देखने निकले मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या, मक्के के खेत में मिला शव

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मल्लावां। बीती एक मई को उर्स का मेला देखने निकले मासूम का शव मंगलवार दोपहर बाद गांव से एक किलोमीटर दूर मक्के के खेत में मिट्टी में गड़ा मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दुष्कर्म के बाद बालक की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। खास बात यह है कि दो मई को बच्चे के पिता से आठ लाख रुपये और मोबाइल की फिरौती मांगी गई थी।
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कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में उर्स का दो दिन का मेला शुक्रवार और शनिवार को लगा था। गांव का रहने वाला बालक (7) शुक्रवार एक मई को मेला देखने के लिए गया था। रात में नौ बजे तक घर वापस न पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। कोई जानकारी न मिलने पर पिता ने उसकी गुमशुदगी का मामला मल्लावां कोतवाली में दर्ज कराया था। इस सबके बीच दो मई की शाम सात बजे बालक के पिता के मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने बालक का अपहरण कर लेने की बात कहते हुए आठ लाख रुपये और मोबाइल फोन फिरौती में मांगा। परिजनोें ने पुलिस को इसकी जानकारी दी तो पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
इस बीच मंगलवार दोपहर बाद कुछ लोगों ने गांव के बाहर शाह आलम के मक्के के खेत में बच्चे का शव मिट्टी में गड़ा देखा। शव का कुछ हिस्सा मिट्टी के ऊपर होने के कारण ग्रामीणों को इसका पता चल गया। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों की भीड़ लग गई। शव देखकर परिजन बिलख पड़े।
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अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम ने बताया कि फील्ड यूनिट ने मौके से जरूरी नमूने जुटाए हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है। उधर, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने कहा कि फिरौती के लिए अपहरण और हत्या की बात अभी स्पष्ट नहीं है। दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका है।



बुखार न होता तो दिन में ही मेला देख आता मासूम
शव मिलने के बाद मासूम के पिता बिलख पड़े। उन्होंने बताया कि आमतौर पर बेटा मेला देखने के लिए दिन में ही जाता था। घटना के दो दिन पहले से ही उसे बुखार आ रहा था। दिन में धूप की वजह से वह मेला देखने नहीं जा पाया। परिजनों ने भी धूप में जाने से मना किया था। शाम को मेला देखने के लिए मासूम ने अपने बाबा से 20 रुपये लिए और चला गया। रात में नौ बजे दवा खिलाने के लिए उसे ढूंढा गया तो कुछ पता नहीं चला।



आठ से पांच लाख रुपये पर आ गए थे अपहरणकर्ता
मासूम का अपहरण करने वालों ने फिरौती के लिए पहले आठ लाख रुपये की मांग की थी। पिता ने इतने रुपये की व्यवस्था न होने की बात कही। इसके बाद धीरे-धीरे आरोपी पांच लाख रुपये की फिरोती पर आ गए लेकिन फिर भी मासूम की जान चली गई।





रावतपुर रेलवे स्टेशन आना, लाल कपड़े पहनना
मृतक के पिता का दावा है कि मोबाइल पर फिरौती मांगने वालों ने रुपये लेकर मंगलवार को कानपुर के रावतपुर रेलवे स्टेशन आने की बात कही थी। साथ ही यह भी कहा था कि रुपये लेकर आने वाला शख्स लाल टीशर्ट और लाल लोवर पहनकर आए लेकिन इससे पहले ही मासूम का शव खेत में मिल गया।



चर्चा में यह भी
ग्रामीणों में चर्चा है कि फिरौती के लिए फोन करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया था। इससे एक को पुलिस ने दबोच लिया था और उसकी ही निशानदेही पर शव मक्के के खेत से बरामद हुआ। हालांकि इस बात से फिलहाल पुलिस के जिम्मेदार इन्कार कर रहे हैं।
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