हरदोई। गांवों के विकास और विभिन्न कर्मियों, प्रधान के मानदेय की मिली लाखों की राशि जिम्मेदारों की लापरवाही से खातों में ही डंप है।
राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद की विकास खंड अहिरोरी में 32 और बेहंदर की सात ग्राम पंचायतों में प्राप्त राशि को खर्च ही नहीं किया जा रहा है। इससे न तो ग्रामीणों को विकास कार्यों का लाभ मिल पा रहा है और न ही कर्मियों को मानदेय का भुगतान हो पा रहा है।
गांवों में विकास कार्यों के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद बड़ी मात्रा में राशि दी जाती है। इस राशि से ही प्रधान और ग्राम पंचायत के कर्मियों को मानदेय का भुगतान किया जाता है। पंचायतीराज विभाग के ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर विकास खंड अहिरोरी और बेहंदर की ग्राम पंचायतों में खर्च के लिए बड़ी मात्रा में राशि खातों में ही पड़ी है। बताया कि पंचायत के जिम्मेदारों की ओर से खर्च न किए जाने से गांवों में विकास कार्य भी नहीं हो रहे हैं। इससे जनता को विकास कार्यों का लाभ, सुविधा और सहूलियत भी नहीं मिल पा रही है।
बताया कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर राज्य वित्त आयोग की मद में खजुरमई, नयागांव मुबारकपुर, मदारा दुगावां, साहूलपुर, नीर, बल्लीपुर, एनुआदानमंडी, गदनपुर, अहिरी, एकघरा मझोला, नयागांव देवरिया, लोकवापुर, गड़ेउरा, अहिरोरी, अटुवा, संदना, बसेन, करीमनगर सैदापुर, कसमंडी, सुनौआ पत्तीपुर, चठिया धरमपुर में लाखों की राशि डंप है। ऐसे ही केंद्रीय वित्त आयोग की मद में लोधी, फरीदापुर, बम्हनाखेड़ा, खजुरमई, एकघरा मझोला, गोड़ाधार, गड़ेउरा, अहिरोरी, खाड़ाखेड़ा, हूंसेपुर, बदौली, गोवर्धनपुर, बसेन, करीमनगर सैदापुर, मंगोलापुर, अटरा, बाने कुईयां, सुनौआ पत्तीपुर में गांव के विकास के लिए आई राशि डंप है।
बेहंदर विकास खंड की ग्राम पंचायत माडर और कहचारी में राज्य वित्त आयोग और रैंसो, असही आजमपुर, पिलखनी दमगढ़ा, सरसंड, औरामऊ और माडर में केंद्रीय वित्त आयोग की मद की राशि खर्च के लिए डंप है।
विकास खंड अहिरोरी और बेहंदर की ग्राम पंचायतों के खातों में राशि डंप है। इससे जाहिर है कि गांवों में न तो काम कराए जा रहे हैं और न ही मानदेय का समय से भुगतान किया जा रहा है। राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद की राशि खर्च न किए जाने से विभाग और जिले की रैंक भी प्रभावित हो रही है। दोनों ही विकास खंड के सहायक विकास अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वह इन ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों का सत्यापन करें। राशि खर्च न करने के लिए जिम्मेदार पंचायत सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति सहित कार्यालय में आख्या में प्राप्त कराएं। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी