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सभी प्रशिक्षु आए रोस्टर की चपेट में

Sat, 07 Feb 2015 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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परिषदीय स्कूलों में नियुक्ति पाने वाले प्रशिक्षु टीचरों में ‘वाह’ और ‘आह’ जैसे हालात हैं। जिन्हें शहर के नजदीक और सुगम स्थानों वाले गांवों में तैनाती मिल गई है, उनके चेहरों पर दोहरी खुशियां हैं। एक नौकरी पाने की और दूसरी आसान ड्यूटी की।
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दूसरी तरफ जिन्हें दूर-दराज के गांवों में फेंका गया गया है, वो बेसिक शिक्षा परिषद अफसरों समेत अपनी किस्मत को कोस रहे हैं। जिले मेें विद्यालय आवंटन में रोस्टर लागू होने से महिला व विकलांग को भी सुदूर क्षेत्र के विद्यालय की राह पकड़ा दी।

प्रशिक्षु टीचर विद्यालय संशोधन कराने में जुगाड़ लगा रहे हैं। इस मामले में जहां बीएसए प्रशिक्षु टीचरों को राहत दे रहे हैं, वही लिपिक वर्ग प्रशिक्षु टीचरों को चूना लगाने से नहीं चूक रहे हैं। उधर, प्राथमिक शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष शिव शंकर पांडेय ने बताया कि प्रशिक्षु टीचरों की तैनाती में रोस्टर का पालन किया गया।
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इस कारण महिलाओं व विकलांग टीचरों को दूर के विद्यालय मिल गए। इस पर संघ ने बीएसए से वार्ता कर उनको शहर के पास और मुख्य सड़क के नजदीकी स्कूलों में तैनाती करनेे के संबंध में वार्ता की, जिस पर उन्होंने उनको राहत देने का आश्वासन दिया है।

कहा कि संघ प्रशिक्षु टीचरों के साथ है और उनका अहित नहीं होने दिया जाएगा। उधर, टीईटी के आवेदकों ने शुक्रवार को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर उनका मेरिट गुणांक होने के बाद भी सूची में नाम न होने पर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

टीईटी के आवेदक प्रभा, पूनम, शशि, धीरज कुमार, पारस, अनूप आदि ने जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में बताया कि द्वितीय सूची के लिए जो कटआफ सूची जारी की गई है। उसमें उनकी मेरिट है। उन लोगों ने डायट में काउंसिलिंग भी कराई थी, मगर उनका चयन सूची में नाम नहीं है।

वह डायट व बीएसए के चक्कर काट रहे हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन लोगों ने नाम चयन सूची में शामिल होने की मांग की है। उधर, जिले में प्रशिक्षु टीचरों की तैनाती की संख्या अधिक होने के कारण उनका समय सीमा के अंदर नियुक्ति पत्र तैयार नहीं हो पा रहे थे।

इस कारण विद्यालयों और चयनित प्रशिक्षु शिक्षकों की सूची एनआईसी को उपलब्ध करा दी गई थी। उसी के अनुसार विद्यालयों का आवंटन कर दिया गया। इससे जहां महिलाओं को दूर के विद्यालय मिल गए, वहीं पुरुषों को नजदीक के विद्यालयों में तैनाती हो गई।
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