हरदोई। भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली की मांग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। रविवार को बिजली की मांग 415 मेगावाट तक पहुंच गई। गत वर्ष पूरे साल जून में बिजली की मांग उच्चतम स्तर पर थी और तब यह 420 मेगावाट थी। पिछले वर्ष मई में बिजली की अधिकतम मांग 315 मेगावाट थी। बिजली की मांग लगातार बढ़ने से उपकरण फुंक रहे हैं और लोकल फॉल्ट भी हो रहे हैं।
जिले में छह लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। 59 विद्युत उपकेंद्रों के माध्यम से इनको बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। रविवार को बिजली मांग 415 मेगावाट तक पहुंच गई जो इस सीजन में सबसे अधिक है। विभागीय जानकार बताते हैं कि पिछले तीन वर्ष में मई में बिजली की मांग 250 मेगावाट से बढ़कर 415 मेगावाट तक पहुंच गई है।
550 से 750 मेगावाट हुई जिले की क्षमता
अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन मो. सउद ने बताया कि विगत तीन वर्ष में पारेषण खंड की ओर से ट्रांसमिशन केंद्रों की क्षमता वृद्धि की गई है। तीन वर्ष पूर्व जिले की क्षमता 550 मेगावाट थी जो इस समय बढ़ कर 750 मेगावाट है। इसलिए अभी तक कोई भी ट्रांसमिशन केंद्र ओवरलोड नहीं है। इससे आपूर्ति कुछ हद तक बेहतर है।
ट्रांसफार्मर में खराबी से कम हुआ करंट
जनपद के ट्रांसमिशन केंद्र को अभी तक लखनऊ से बिजली की आपूर्ति की जा रही थी। लखनऊ के 500 मेगावाट का ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से जिले की आपूर्ति शाहजहांपुर से जोड़ दी गई है। इससे पांच से सात एंपियर का कम करंट मिल रहा है। इससे आपूर्ति में समस्या आ रही है।
प्रभावित रही आपूर्ति
रविवार रात सांडी रोड विद्युत उपकेंद्र से जुड़े वैटगंज की आपूर्ति पूरी रात एक फेस जल जाने के कारण बाधित रही। वहीं आशानगर के जयराम फीडर का फेस जल जाने से लोग लो वोल्टेज से परेशान हुए। सिटी विद्युत उपकेंद्र के डीएम फीडर में खराबी के कारण आजादनगर की आपूर्ति पर असर पड़ा। इससे लोगों को रात जागकर बितानी पड़ी।
लोकल फॉल्ट व रोस्टरिंग ने उड़ाई नागरिकों की नींद
संडीला में दिन के समय बिजली आपूर्ति सामान्य रहती है लेकिन रात होते ही विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। ट्रिपिंग और लोकल फॉल्ट से आपूर्ति बाधित हो जाती है। बिजली विभाग के कर्मचारी और लाइनमैन लगातार फॉल्ट ठीक करने में जुटे हैं फिर भी अत्यधिक लोड के कारण समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही। पवन गुप्ता, मनीष, आशीष द्विवेदी, विवेक आदि नागरिकों ने विद्युत विभाग से रोस्टिंग कम करने और आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।