फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शौचालय साफ न करने पर पुलिस ने मजदूरों को पीटा

विज्ञापन
शौचालय साफ करने से मना करने पर मजदूरों की पिटाई का विरोध करते मनरेगा मजदूर। - फोटो : ATHROLI
विज्ञापन
पालीमुकीमपुर थाने में पुलिस ने शर्मशार करने वाली हरकत की। खाना खाने से पहले थाने के शौचालयों की सफाई करने से मना करने पर मनरेगा मजदूरों को थाने में डंडों से पीटा गया। पिटाई में कई मजदूरों के शरीर पर चोट व डंडे के निशान उभर आए। इससे नाराज मजदूरों ने थाने से बाहर आने पर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया है। सीओ ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन मजदूरों को दिया है।
विज्ञापन

कोरोना वायरस संकट से जूझ रहे मजदूरों को गांव में मनरेगा के तहत काम दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत पालीमुकीमपुर में भी मनरेगा के तहत तालाब खुदाई का काम चल रहा है। बताते हैं कि थानाध्यक्ष पालीमुकीमपुर ने ग्राम प्रधान से कहकर सफाई के लिए कुछ मजदूरों को श्रमदान के नाम पर थाने बुलवा लिया। राजू आदि मजदूरों ने बताया कि शुक्रवार को काम खत्म करने के बाद कुछ पुलिस कर्मियों ने कहा कि थाने में बने शौचालयों की सफाई कर दो। मजदूरों ने कहा कि खाना खाने के बाद काम को पूरा कर देंगे। पुलिस कर्मियों ने कहा कि शौचालय की सफाई अभी करनी होगी। जब मजदूरों ने विरोध किया तो पुलिस कर्मी उन्हें डंडे से पीटने लगे। इससे कई मजदूरों के पैर व हाथों में चोट लग गई।
- मजदूरों की शिकायत मिली है। प्रकरण की पूरी जांच कराई जा रही है। यदि मजदूरों के आरोप सही पाए गए तो दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - प्रशांत सिंह, सीओ।
विज्ञापन

- थाने के एक दरोगा और मजदूरों के बीच कुछ कहासुनी हो गई थी। मजदूरों को भी समझाकर शांत कर दिया है। अब किसी को कोई शिकायत नहीं है।
- हरिभान सिंह, एसओ।
- तालाब पर काम चल रहा था। एसओ ने श्रमदान की कहकर मजदूरों को बुलाया था। शौचालय की सफाई के विवाद में मजदूरों से पुलिस कर्मियों ने अभद्रता कर दी। बाद में एसओ के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। एसओ ने मजदूरों से पुलिस कर्मियों की हरकत पर सॉरी भी बोल दिया। समझौता हो गया है।
विज्ञापन

- थान सिंह, प्रधानपति।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें