अस्पताल संचालक की हत्या का खुलासा करते एसपी देहात
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कस्बे के रामघाट रोड स्थित कीर्ति अस्पताल के संचालक महेंद्र सिंह की हत्या उनके ही पार्टनर योगेश मथुरिया ने भाड़े के हत्यारों को सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने योगेश मथुरिया व दो सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा व बाइक पुलिस ने बरामद कर ली है। मोबाइल कॉल डिटेल में कुछ नर्सों की भी संदिग्ध नजर आने पर उनकी भूमिका भी जांच पुलिस कर रही है।
चार फरवरी को गांव तेवथू के निकट गूलापुर मार्ग पर अलीगढ़ शहर के मोहल्ला अवतार नगर निवासी महेंद्र सिंह पुत्र ठाकुरदास का शव स्कार्पियो में मिला था। शव को जलाने के लिए स्कार्पियो में मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने की भी कोशिश की गई थी। एसपी देहात शुभम पटेल ने बताया कि सीओ सुदेश गुप्ता, कोतवाल संजय जायसवाल व सर्विलांस प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में टीमें मामले के खुलासे में लगी थीं। पुलिस ने मोबाइल डिटेल खंगाली। कई बिंदुओं पर जांच की गई। इसमें महेंद्र सिंह व योगेश मथुरिया निवासी पहाड़गढ़ी के बीच पार्टनरशिप का विवाद व मनमुटाव की बात सामने आई।
योगेश ने अजय निवासी गाजीपुर थाना बरला व देवेंद्र निवासी भुड़िया थाना छर्रा को 10 रुपये एडवांस देकर हत्या की प्लानिंग बनाई। बाकी रकम बाद में देने की बात तय हुई। आरोपियों ने महेंद्र की हत्या उसकी ही स्कार्पियो में हथौड़े से हमला कर की। तीनों को पुलिस ने छर्रा रोड स्थित ईदगाह के पास से गिरफ्तार किया। अदालत के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया है। योगेश व अजय के मोबाइल नंबर पर हुई बातचीत में कुछ नर्सों की भूमिका भी शक के दायरे में है। उनकी भी पुलिस जांच कर रही है।
अस्पताल सील होने के बाद शुरू हुआ था मनमुटाव
महेंद्र सिंह व योगेश मथुरिया पार्टनरशिप में अस्पताल चलाते थे। कुछ समय पहले एक नवजात को चूहा ने कुतर दिया था जिसके चलते अस्पताल सील हो गया था। सील खुलने के बाद अस्पताल का संचालन शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार महेंद्र सिंह आए दिन शराब पीकर योगेश और स्टाफ के साथ गालीगलौज व हंगामा करता था। इससे योगेश बेहद परेशान था। गाजीपुर निवासी अजय के भी महेंद्र पर कुछ रुपये थे। घटना वाले दिन अजय रुपयों की बात करने अस्पताल गया था। वहीं योगेश व अजय ने महेंद्र की हत्या का प्लान बनाया।
योगेश ने अजय को एडवांस में 10 हजार रुपये दिए। अजय ने भुड़िया निवासी देवेंद्र को प्लान में शामिल किया। प्लान के मुताबिक अजय ने महेंद्र को शराब पीने के लिए तैयार कर सिंहपुर चौराहे पर बुला लिया। वहां से शराब लेकर भुड़िया के निकट बाग में बैठकर वह शराब पीने लगे। कुछ देर बाद देवेंद्र बाइक लेकर वहां पहुंचा। रात करीब 9.30 बजे महेंद्र शराब के नशे में पूरी तरह हो गया तो अजय व देवेंद्र ने हथौड़े से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद अजय शव को स्कार्पियो की बीच वाली सीट पर डालकर गूलापुर रोड पर ले गया। पहिया पंक्चर होने पर तेवथू के निकट गाड़ी खड़ी कर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। पीछे से देवेंद्र बाइक लेकर पहुंचा और दोनों बाइक से भाग निकले।