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कीमतों का पता नहीं, खेत खाली करने को गन्ना बेच रहे किसान

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हरदोई। जनपद में तीनों चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू हो गया है। किसान भी अपने खेतों में तैयार गन्ने की कटाई कर क्रय केंद्रों पर बेच रहा है, लेकिन किसान को अब तक यह नहीं पता कि उसकी उपज का मूल्य कितना मिलेगा। दरअसल अब तक राज्य सरकार ने गन्ने का मूल्य निर्धारित नहीं किया है। ऐसे में किसानों को मिल रही गन्ना पर्ची में भी मूल्य का उल्लेख नहीं किया जा रहा है। फौरी तौर पर जनपद में लगभग 19 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद तीनों चीनी मिलों में हो चुकी है।
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जनपद में रूपापुर, लोनी और हरियावां में चीनी मिल हैं। इस बार 73,719 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती हुई है। चीनी मिलों ने गन्ने की खरीद शुरू कर पेराई भी शुरू कर दी है, लेकिन गन्ना मूल्यों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अभी तक सरकार ने गन्ना मूल्य निर्धारित नहीं किया है। यह बात और है कि इसको लेकर बैठकों का दौर शासन स्तर पर जारी है। गन्ना किसान भी पशोपेश में हैं कि उनकी उपज का मूल्य किस आधार पर मिलेगा। चीनी मिलों के जिम्मेदार भी अनौपचारिक बातचीत में शासन मूल्यों का फैसला करेगा, कहकर चुप्पी साध लेते हैं। फिलहाल गन्ना खरीद के लिए किसानों को भेजी जा रही पर्चियों में गन्ना मूल्य का उल्लेख नहीं किया जा रहा है। बावजूद इसके खेत खाली करने की जल्दी में किसान पर्ची आते ही अपनी उपज गन्ना क्रय केंद्रों पर बेच रहे हैं। तीनों चीनी मिलों ने इस पेराई सत्र में अब तक 18,92000 क्विंटल गन्ने की खरीद कर ली है।
जनपद में हरियावां, लोनी और रूपापुर की चीनी मिलें पड़ोसी चार जनपदों से भी गन्ना खरीद रहीं हैं। सीतापुर, लखीमपुर खीरी, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर से भी गन्ना खरीदा जा रहा है। इसके लिए रूपापुर चीनी मिल ने फर्रुखाबाद में 11 क्रय केंद्र बनाए हैं। लोनी चीनी मिल ने शाहजहांपुर में 10 और लखीमपुर में सात क्रय केंद्र खोले हैं। हरियावां चीनी मिल ने सीतापुर में 62 और लखीमपुर में छह क्रय केंद्र बनाए हैं। हरियावां चीनी मिल ने कुल 112, लोनी चीनी मिल ने 47 और रुपापुर चीनी मिल ने 39 क्रय केंद्र बनाए हैं।
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आमतौर पर किसानों को गन्ना खरीद के 14 दिन के अंदर मूल्य मिल जाने का नियम है। इस बार भुगतान शुरूआती दौर में विलंब से ही होगा। कारण यह कि अब तक सरकार ने गन्ना मूल्य निर्धारित नहीं किया है। मूल्य निर्धारण होने के बाद ही चीनी मिलों की ओर से किसानों को भुगतान किए जाने की संभावना है।
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