परिषदीय स्कूलों में टीचर बनने का एक साल से इंतजार
करते आवेदकोें के नाम पात्र होने के बाद भी चयन सूची से गायब होने पर आवेदक
भड़क उठे। आवेदकों में सूची में धांधाली का आरोप लगाकर हंगामा काटा। इससे
बीएसए कार्यालय में हड़कंप मच गया। बीएसए के आश्वासन के बाद आवेदक शांत हुए
और उनकी नए सिरे से सूची तैयार की जा रही है।
इससे समय पर काउंसिलिंग
होने की संभावना को भी झटका लग सकता है। ज्ञात हो कि प्रदेश सरकार की ओर से
परिषदीय जूनियर हाईस्कूल में विज्ञान व गणित के 29,334 टीचरों की तैनाती
की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसके लिए आवेदकों की काउंसिलिंग भी कराई गई
थी, पर कोर्ट के आदेश के बाद प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी।
कोर्ट से
अनुमति के बाद शासन ने गणित व विज्ञान टीचरों की 21 सितंबर तक तैनाती के
निर्देश दिए हैं। जिले में 694 टीचरों की नियुक्ति की जानी है। इसमें 347
विज्ञान व 347 गणित के टीचर हैं। इनकी तैनाती को कटआफ मेरिट जारी की गई है।
जिसमें अर्हमहिला व विकलांग आवेदकों को 20 सितंबर को डायट में काउंसिलिंग
के दौरान स्कूल चुनने का मौका दिया जाना था, पर आवेदकाें की मेरिट सूची
जारी होने के बाद हंगामा शुरू हो गया।
शनिवार को भारी संख्या में आवेदक
बीएसए कार्यालय पहुंचे और पात्र होने के बाद भी सूची में नाम न होने पर
हंगामा शुरू कर दिया। जब कार्यालय से पूछा गया तो संबंधित लिपिक ने बताया
कि उनका नाम किसी वजह से हट गया है, जबकि उन लोगों के शैक्षिक प्रमाण पत्र
कार्यालय में जमा है।
जिस कारण वह अन्य जनपद में काउंसिलिंग में शामिल नहीं
हो सके। उन्होंने कहा कि काउंसिलिंग के दौरान बताया गया था कि अगर उनका
नाम चयन में नहीं आता है तो उनको सूचित कर दिया जाएगा, ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने उनको अंधेरे में रखा और जानबूझ का मेरिट
लिस्ट में गड़बड़ी कर उन लोगों को बाहर कर दिया गया। उन्होंने डीएम को भी
पत्र देकर मेरिट सूची की जांच कराने की मांग की।
आवेदकों को हंगामा देख
बीएसए डा. बृजेश मिश्र पहुंचे और मेरिट सूची का पुन: परीक्षण कर नियमानुसार
कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिस पर आवेदक शांत हुए। बीएसए ने बताया कि
नियमानुसार कार्य होगा जो पात्र होगा उसे ही सूची में स्थान मिलेगा।