कासिमपुर/हरदोई। उन्नाव के गंगाघाट से कांवर लेकर संडीला जा रहे श्रद्धालुओं पर कासिमपुर थाना क्षेत्र के करलावां पुल के पास नहर में नहाते समय एक धर्म विशेष के लोगों ने हमला बोल दिया। इसके विरोध में कांवरिये सड़क पर उतर आए। बांगरमऊ-संडीला मार्ग पर जाम लगा दिया और कासिमपुर थाना घेर लिया। हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर तैनात कर दी गई। लगभग पांच घंटे के बाद हंगामा तब शांत हुआ जब कांवरियों की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद संडीला जा रहे कांवरियों ने करलावां पुल के पास रखे एक खोखे और छप्पर में आग लगा दी।
संडीला कस्बे के मोहल्ला किसान टोला और ग्राम मीतो से लगभग दो सौ कांवरिये शनिवार रात उन्नाव के गंगाघाट पर जल लेने गए थे। वहां से वापस आते समय कांवरिये रविवार को दिन में कासिमपुर थाना क्षेत्र के करलावां पुल के पास नहर में नहाने लगे। पीछे से आ रहे कांवरियों ने नहर में कुछ सिक्के उछाल दिए। इन सिक्कों को झपटने के चक्कर में नहर की पुलिया पर बैठे दो युवक नहर में कूद पड़े। इसी दौरान दोनों युवक कांवरियों से टकरा गए। इस पर कांवरियों और दोनों युवकों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ा तो दोनों युवक अपने गांव करलावां चले गए। इसके बाद एक धर्म विशेष के पुरुष और महिलाएं हाथों में धारदार हथियार लेकर नहर पुल पर पहुंच गए और कांवरियों पर हमला बोल दिया।
अचानक हुए हमले से कांवरिओं में भगदड़ मच गई। इसी दौरान कांवर यात्रा में शामिल एक बच्ची को धर्म विशेष के लोगों ने नहर में फेंक दिया। इसके बाद कांवरिये भी आक्रोशित हो गए। आक्रोशित कांवरियों ने भी मोर्चा लेना शुरू किया और हमलावरों के कुछ धारदार हथियार छीन लिए। इसके बाद कांवरियों के एक जत्थे ने बांगरमऊ-संडीला मार्ग पर जाम लगा दिया तो दूसरे ने कासिमपुर थाना घेर लिया। इस सबके बीच भारी पुलिस बल करलावां नहर पुल से लेकर कासिमपुर थाने तक तैनात कर दिया गया। घटना की जानकारी पाकर सीओ संडीला प्रीति सिंह मौके पर पहुंच गईं।
बातचीत से मामले का हल निकालने की कोशिश चल रही थी तभी भाजपा की जिला उपाध्यक्ष सुनीता राठौर व भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुरेश पाल वर्मा, किसान यूनियन नेता अजीत प्रताप सिंह आदि वहां पहुंच गए। हमलावरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगे। विवाद बढ़ता देख एसपी ने सीओ शाहाबाद को भी मौके पर भेज दिया। उधर, थाना प्रभारी संजय मौर्या भी स्थिति को संभालने में लगे हुए थे। लगभग पांच घंटे बाद कांवरियों के जत्थे में शामिल धर्मेंद्र निवासी किसान टोला संडीला की तहरीर पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वापस संडीला जा रहे कांवरियों ने करलावंा पुल के पास रखी लकड़ी की दुकान और छप्पर में आग लगा दी। इसकी सूचना मिलते ही सीओ यहां पहुंच गईं। थाना प्रभारी संजय मौर्या ने बताया कि घटना के संबंध में एक महिला समेत चार लोगाें को हिरासत में लिया गया है।
न होती नेतागिरी तो न बढ़ता बवाल
सूत्रों की मानें तो नेतागिरी और श्रद्धालुओं के बीच नंबर बढ़ाने के चक्कर में विवाद बढ़ गया। दरअसल दोनों पक्षों में मारपीट के बाद थाना प्रभारी ने स्थिति संभाल ली थी। श्रद्धालु भी जाने लगे थे। इसी बीच संडीला से कुछ लोग नेतागिरी करने मौके पर पहुंच गए। इन लोगों ने श्रद्धालुओं को भड़का दिया तो माहौल बिगड़ गया। बाद में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ।
हमले में सात कांवरिये घायल
कांवर यात्रा में शामिल मीतो निवासी हिमांशु (22), छविनाथ (28) , संडीला के किसान टोला निवासी सुभाष (28), रामखेलावन (52), प्रदीप (21), श्यामसुंदर (26) और दीपक 18 हमले में घायल हो गए। नहर में फेंकी गई निताशी (10) पुत्री रामनरेश निवासी मीतो तो घटना से सहम गई। नहर से निकालकर कांवरियों ने उसे एक ओर बैठा दिया था। बावजूद इसके वह काफी देर तक बदहवास की स्थिति में रही।
कांवरियों ने छीन लिए कुल्हाड़ी
धर्म विशेष के लोग कांवरियों पर हमला करने के लिए धारदार हथियार लेकर गए थे। कांवरियों ने हमलावरों से एक बांका, दो कुल्हाड़ी और एक सबरी के अलावा सरिया भी छीन लिए। हालांकि हमले के दौरान कांवरियों के भी सात मोबाइल फोन लूट लिए गए।
पुलिस ने कराई वीडियोग्राफी
पूरी घटना के दौरान कुछ पुलिस कर्मियों से वीडियोग्राफी भी कराई गई। मोबाइल फोन से कराई गई वीडियोग्राफी से घटना के बाद माहौल बिगाड़नेवालों को सबक सिखाने का इरादा पुलिस का है।